सरकारी स्कूलों की बदली टाइमिंग बनी परेशानी, एक ही जिले में दो अलग-अलग नियम लागू

सांकेतिक तस्वीर , AI Generated Image
Bettiah News: पश्चिम चंपारण में दो शिफ्ट में संचालित सरकारी स्कूलों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित होने से छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं में भ्रम की स्थिति है. एक ही जिले में अलग-अलग आदेश जारी होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं
बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले में संसाधनों और क्लासरूम की कमी वाले उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित किए जाने से छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार द्वारा अलग-अलग तिथियों में जारी आदेशों में विद्यालय संचालन की समय-सीमा अलग-अलग निर्धारित किए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
अलग-अलग आदेशों में अलग-अलग समय निर्धारित
22 अगस्त 2025 को जारी आदेश के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक का पठन-पाठन सुबह 6:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई 11:30 बजे से संचालित करने का निर्देश दिया गया था. वहीं 17 दिसंबर 2025 और 9 अप्रैल 2026 को जारी आदेशों में विभिन्न प्रखंडों के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए कक्षा 1 से 8 तक का संचालन सुबह 6:30 बजे से 12:30 बजे तथा कक्षा 9 से 12 तक का संचालन दोपहर 12:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है.
छात्र और शिक्षक दोनों असहज
एक ही जिले में दो पालियों में संचालित विद्यालयों के लिए अलग-अलग समय लागू होने से विद्यार्थी और शिक्षक-शिक्षिकाएं असमंजस में हैं. उनका कहना है कि समान श्रेणी के विद्यालयों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय होने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी अलग-अलग उपस्थिति
जानकारी के अनुसार दो पालियों में संचालित इन विद्यालयों में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी उपस्थिति अलग-अलग समय के अनुसार दर्ज की जा रही है. इसके बावजूद जिला शिक्षा कार्यालय और विभागीय स्तर की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था इस विसंगति को अब तक दूर नहीं कर सकी है.
अतिरिक्त कमरों की कमी बनी वजह
बताया गया कि जिन विद्यालयों में कक्षाओं और संसाधनों की कमी है, वहां दो शिफ्ट में पठन-पाठन कराया जा रहा है. हालांकि अलग-अलग आदेशों के कारण विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को भी संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
डीईओ का पक्ष नहीं मिल सका
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रविन्द्र कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार रिसीव नहीं हो सका. इसलिए इस विषय पर उनका आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका
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