कोर्ट अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले, सीएस ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मांगा जवाब

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कोर्ट अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले, सीएस ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से मांगा जवाब

Bagaha News: स्वास्थ्य प्रशासन से जुड़े जानकारों का कहना है कि अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहली शर्त है. समय-समय पर औचक निरीक्षण और जवाबदेही तय होने से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार संभव है.

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बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट

Bagaha News: पश्चिम चंपारण के बगहा न्यायालय परिसर स्थित अस्पताल के औचक निरीक्षण में चिकित्सक के अनुपस्थित मिलने, उपस्थिति पंजी में गड़बड़ी और अभिलेखों के अद्यतन नहीं मिलने पर सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) ने बगहा-दो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही गोनौली अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की अनुपस्थिति की शिकायत पर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.

औचक निरीक्षण में डॉक्टर मिले अनुपस्थित

सीएस द्वारा जारी पत्र के अनुसार 30 जून को बगहा न्यायालय परिसर स्थित अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक ड्यूटी से अनुपस्थित मिले. इसके अलावा विभिन्न रजिस्टर और अभिलेख अद्यतन नहीं पाए गए, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे.

उपस्थिति पंजी में मिली अनियमितता

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कार्यरत जीएनएम कृष्णा कुमार गोयल द्वारा उपस्थिति पंजी में गलत तरीके से हस्ताक्षर किए जाने का मामला भी सामने आया. सीएस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

गोनौली एपीएचसी की शिकायत पर भी सख्ती

निरीक्षण के दौरान मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोनौली में चिकित्सकों के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने की शिकायत की. इस पर सीएस ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी देकर कार्रवाई की जाएगी.

नियमित उपस्थिति और दवा उपलब्ध कराने का निर्देश

सीएस ने न्यायालय परिसर स्थित अस्पताल और गोनौली अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही मरीजों के उपचार के लिए सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है.

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में विभाग की सख्ती

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को अस्पतालों में अनुशासन बहाल करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से बगहा-दो क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे थे. विभागीय सख्ती के बाद अब अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.

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Purushottam Kumar

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