वीटीआर में एआई कैमरों से होगी वन्यजीवों की निगरानी, आबादी की ओर बढ़ते ही मिलेगा अलर्ट
वीटीआर के बाह्य क्षेत्र में लगा एआई कैमरा
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में वन्यजीवों की निगरानी के लिए AI-आधारित स्मार्ट कैमरे लगाए जा रहे हैं. ये कैमरे बाघ, तेंदुआ, भालू जैसे जानवरों की गतिविधियों पर नज़र रखेंगे और आबादी की ओर आने पर वन विभाग को तत्काल अलर्ट भेजेंगे.
Valmikinagar News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में वन्यजीवों की निगरानी अब हाईटेक होने जा रही है. जंगल से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर जाने वाले बाघ, तेंदुआ, भालू समेत अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रिजर्व के बाहरी क्षेत्रों में एआई आधारित स्मार्ट कैमरे लगाए जा रहे हैं. वन्यजीवों की आबादी की ओर गतिविधि बढ़ते ही इन कैमरों से वन विभाग को तत्काल अलर्ट मिलेगा.
वन प्रमंडल-1 में 15 स्मार्ट कैमरे लगाए गए
परियोजना के पहले चरण में वीटीआर के वन प्रमंडल-1 के बाहरी क्षेत्रों में 15 स्मार्ट कैमरे लगाए जा चुके हैं. वहीं दूसरे चरण में वन प्रमंडल-2 में भी 15 कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं. वन विभाग ने ऐसे संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता दी है, जहां से वन्यजीवों के जंगल से निकलकर आबादी की ओर आने की संभावना अधिक रहती है.
एआई बताएगा किस वन्यजीव की मौजूदगी
वन प्रमंडल-2 के डीएफओ विकास अहलावत के अनुसार स्मार्ट कैमरों की खासियत इनका एआई आधारित अलर्ट सिस्टम है. ये कैमरे बाघ, तेंदुआ, भालू समेत विभिन्न वन्यजीवों की पहचान करने में सक्षम होंगे. किसी वन्यजीव की आबादी की ओर गतिविधि बढ़ने पर सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा.
इससे वन विभाग की टीम समय रहते संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर निगरानी या आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी.
नदी-नालों और वन्यजीवों के रास्तों पर रहेगी नजर
स्मार्ट कैमरों को नदी-नालों के किनारे, जंगल से निकलने वाले रास्तों, चौराहों और वन्यजीवों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में लगाया जा रहा है. इनके जरिए वन्यजीवों के मूवमेंट के साथ संदिग्ध मानवीय गतिविधियों, अवैध शिकार और अन्य वन अपराधों पर भी नजर रखी जा सकेगी.
टाइगर कॉरिडोर की पहचान में मिलेगा डाटा
स्मार्ट कैमरों से लगातार मिलने वाला डाटा वन विभाग को यह समझने में मदद करेगा कि बाघ और अन्य वन्यजीव किन रास्तों से जंगल से बाहर निकलते हैं और किन क्षेत्रों में उनकी आवाजाही अधिक रहती है. इससे संभावित टाइगर कॉरिडोर की पहचान करने और सुरक्षित वन्यजीव मार्गों की योजना बनाने में मदद मिलेगी.
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने में मिलेगी मदद
वन विभाग को उम्मीद है कि हाईटेक निगरानी व्यवस्था से वन्यजीवों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सकेगी. आबादी की ओर वन्यजीवों की आवाजाही की सूचना पहले मिलने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी. साथ ही वीटीआर में वन्यजीव संरक्षण और वन अपराधों की निगरानी को भी नई मजबूती मिलेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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