बेगूसराय: डंडारी के बांक में बीच सड़क पर जलजमाव के विरोध में ग्रामीणों ने की धानरोपनी, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी

बांक गांव में बीच सड़क पर धनरोपनी कर जलजमाव का विरोध करते ग्रामीण व अन्य | Prabhat Khabar Network
बेगूसराय के बांक गांव में राजकीय डिग्री महाविद्यालय के सामने मुख्य सड़क पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. इस समस्या के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने सड़क पर धान रोपकर अनोखा विरोध दर्ज कराया है. जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी कर स्थायी समाधान की मांग की गई है.
Begusarai News: बेगूसराय जिले के डंडारी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बांक गांव स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय के सामने से गुजरने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर पिछले लंबे समय से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है. इस प्रशासनिक और जनप्रतिकात्मक उदासीनता के खिलाफ गुरुवार को स्थानीय ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का भारी आक्रोश देखने को मिला. समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक अनोखे और गांधीवादी अंदाज में बीच सड़क पर जमा गंदे पानी में धान की रोपनी (पौधरोपण) कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शीघ्र सड़क निर्माण व जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था करने की मांग की.
कॉलेज के सामने जलजमाव पंचायत के लिए कलंक
सड़क पर धान रोपकर विरोध प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों में मुख्य रूप से कमलेश कुमार, रवि रंजन कुमार, मो. दानिश, मो. नवी, रामकृष्ण राणा, विकास कुमार, राजा कुमार, मनीष कुमार, गौरव यादव, प्रभु दयाल, संतोष कुमार, मो. चांद, पुनीत कुमार और अशोक रजक शामिल रहे. इन सभी ने जलजमाव पर तीखा विरोध जताते हुए कहा कि बांक गांव में राजकीय डिग्री महाविद्यालय का संचालन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है, लेकिन ठीक इसी कॉलेज के सामने वाले मुख्य मार्ग पर महीनों जलजमाव की समस्या बने रहना स्थानीय पंचायत और प्रशासन के माथे पर कलंक की तरह है.
बरसात के मौसम में नारकीय हुई स्थिति
ग्रामीणों ने बताया कि यह मुख्य मार्ग पिछले काफी समय से बदहाली और जलजमाव का दंश झेल रहा है. सड़क पर घुटने भर पानी जमा रहने के कारण कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, सम्मानित शिक्षकों और आम राहगीरों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों और फजीहत का सामना करना पड़ता है. कॉलेज के उद्घाटन के बाद से यहां विश्वविद्यालय से लेकर जिला स्तर तक के आला अधिकारियों का लगातार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया. वर्तमान में बरसात के दिनों में तो यहां की स्थिति पूरी तरह नारकीय हो गयी है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है.
विधायक सह मंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार
आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह सूबे के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान, स्थानीय मुखिया अमरजीत साहनी तथा पंचायत समिति सदस्य शनिचर रजक सहित अन्य सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस जनसमस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए जलजमाव से अविलंब निजात दिलाने की गुहार लगाई है. नाराज ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उन्हें केवल कागजी और जुबानी आश्वासन ही मिल रहे हैं, धरातल पर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस प्रशासनिक पहल नहीं की जा रही है.
कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बदहाल और जर्जर सड़क की लिखित व मौखिक शिकायत कई बार प्रखंड से लेकर जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों से भी की गई, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है. थक-हारकर आज उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत नहीं की गई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र व तेज किया जायेगा.
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