एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा माफिया नेटवर्क का पर्दाफाश, बायोमेट्रिक कंपनी के दो कर्मी गिरफ्तार

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एसके महिला कॉलेज की तस्वीर

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Begusarai News : बेगूसराय के एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा माफिया का बड़ा नेटवर्क सामने आया है. चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा की पारदर्शिता के लिए नियुक्त बायोमेट्रिक कंपनी के दो कर्मी ही इस धांधली के मुख्य सूत्रधार निकले. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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Begusarai News : बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के दौरान बेगूसराय के एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक बड़े परीक्षा माफिया नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त बायोमेट्रिक कंपनी के दो कर्मी ही कथित तौर पर धांधली के मुख्य सूत्रधार निकले. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है. प्राथमिकी एसके महिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विमल कुमार के आवेदन पर दर्ज की गई है.

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संदिग्ध गतिविधियों से खुला पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने वाले दो कर्मियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं. शक होने पर कॉलेज प्रशासन और पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.

पूछताछ में सामने आई असली पहचान

शुरुआती पूछताछ में दोनों युवकों ने अपनी पहचान मणि कुमार (पिता- संजय यादव, निवासी- वीरपुर, बेगूसराय) और दिलखुश कुमार (पिता- बबलू राय, निवासी- सुजानपुर, बेगूसराय) बताई. उन्होंने खुद को साइनोसौर कंपनी का सीटीओ हेड और ऑपरेटर बताया. कड़ाई से पूछताछ के दौरान मणि कुमार की वास्तविक पहचान अजय कुमार (पिता- मनोहर यादव, निवासी- इतहरी, जिला- सहरसा) तथा दिलखुश कुमार की वास्तविक पहचान आशीष कुमार (पिता- ओमप्रकाश साह, निवासी- रहीमपुर, जिला- खगड़िया) के रूप में सामने आई.

अतिरिक्त मोबाइल और टैब के साथ पकड़े गए आरोपी

सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि एसके महिला कॉलेज में मद्य निषेध विभाग के सब-इंस्पेक्टर रैंक की परीक्षा आयोजित की जा रही थी. इसी दौरान परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची. जांच के दौरान बायोमेट्रिक कंपनी के सुपरवाइजर और ऑपरेटर को अतिरिक्त मोबाइल फोन और टैब के साथ पकड़ा गया.

आंसर सप्लाई की थी तैयारी

डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा में धांधली कराने के लिए आरोपी अतिरिक्त मोबाइल और टैब लेकर आए थे. इन्हीं उपकरणों के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाने की तैयारी थी. हालांकि समय रहते दोनों को पकड़ लिया गया, जिससे उनकी योजना विफल हो गई.

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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