जेसीबी के साथ पुलिस ने की अपहरणकांड के नौ आराेपितों के घरों की कुर्की-जब्ती

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जेसीबी के साथ पुलिस ने की अपहरणकांड के नौ आराेपितों के घरों की कुर्की-जब्ती

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष संदलपुर गांव निवासी राकेश उर्फ विकास कुमार का अपहरण के पांचवें दिन पुलिस ने फरार अभियुक्तों के घरों की कुर्की जब्ती की कार्रवाई की है.

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साहेबपुरकमाल. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष संदलपुर गांव निवासी राकेश उर्फ विकास कुमार का अपहरण के पांचवें दिन पुलिस ने फरार अभियुक्तों के घरों की कुर्की जब्ती की कार्रवाई की है. जेसीबी एवं अन्य उपस्कर के साथ बुधवार की शाम संदलपुर गांव पहुंची पुलिस ने सबसे पहले मुख्य अभियुक्त डब्लू यादव के घर की कुर्की की. इसके बाद बारी-बारी से सभी नौ अभियुक्तों के घरों में यह कार्रवाई की. इससे एक दिन पूर्व पुलिस ने ढोल बाजा और न्यायालय का वारंट के साथ पहुंचकर अभियुक्तों के घर इश्तेहार चिपकाया था और माइकिंग के जरिये सूचित किया गया था कि 24 घंटे के अंदर अगर अभियुक्त सरेंडर नहीं करते हैं तो उसके बाद घर की कुर्की जब्ती की कार्रवाई होगी. समय बीतने तक किसी ने सरेंडर नहीं किया. जिसके बाद प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी संतोष कुमार की उपस्थिति में डीएसपी नेहा कुमारी, थानाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार दल बल के साथ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी. बताते चलें कि विगत 24 मई की शाम राकेश का अपहरण की घटना के बाद अभी तक अपहृत की बरामदगी नहीं होने से न सिर्फ परिजन परेशान हैं, बल्कि पुलिस के लिए भी यह बड़ी चुनौती बना है. बेगूसराय खगड़िया प्रक्षेत्र के डीआइजी आशीष भारती ने घटना स्थल का दौरा करने के तुरंत बाद अपहृत के बारे में सूचना देने वाले को 25 हजार रुपये और अभियुक्त के बारे में सूचना देने वाले को 10 हजार का इनाम की घोषणा का भी कोई फायदा नहीं मिल रहा है. जिससे पुलिस के लिए इस मामले का उद्भेदन परेशानी का सबब बन है. परिजन और लोगों के मन मे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर राकेश को आसमान निगल गया है या धरती खा गयी है जो अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. क्योंकि जिले के कई थानों की पुलिस द्वारा चलाये जा रहे सर्च ऑपरेशन से भी कोई नतीजा सामने नहीं आया तो बेगुसराय से मंगवाया गया डॉग स्क्वायड टीम की कार्रवाई भी तामझाम ही साबित हुई. सवाल यह भी क्षेत्र में तैर रही है कि पुलिस की सर्विलांस सिस्टम,पुलिस का खुफिया तंत्र आखिर अपराधियों को क्यों नहीं ढूंढ पा रही है. इस विफलता से आखिर क्या यही समझा जाय कि अभी तक अपराधी की चाल पुलिस पर भाड़ी पर रही है. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से प्रतीत होता है कि अपराधी चाहे जहां भी छुपा होगा उसे ढूंढ निकाला जायेगा और मामले का उद्भेदन भी हो जायेगा.

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