बेगूसराय: मंझौल अनुमंडल कार्यालय के सामने अमर शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस मना, वक्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित प्रतिनिधि   | Prabhat Khabar Network

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बेगूसराय के मंझौल अनुमंडल कार्यालय में महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए.

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Begusarai News: बिहार के बेगूसराय जिले अंतर्गत मंझौल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष मंगलवार को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और अमर शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर एक गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने शहीद खुदीराम बोस के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और 'भारत माता की जय' तथा 'अमर शहीद खुदीराम बोस अमर रहें' के गगनभेदी नारे लगाए.

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मात्र 18 वर्ष की उम्र में देश के लिए न्योछावर कर दिए प्राण: संतोष ईश्वर

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी संतोष ईश्वर ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चंद्र चाकी जैसे क्रांतिवीरों का बलिदान स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. उन्होंने कहा कि मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले खुदीराम बोस आज भी देश की युवा पीढ़ी के लिए राष्ट्रभक्ति और प्रेरणा के सबसे बड़े प्रतीक हैं.

अंग्रेजों की चूले हिलाने वाला अदम्य साहस

संतोष ईश्वर ने शहीद खुदीराम बोस के गौरवशाली व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्रूर अंग्रेज जज किंग्सफोर्ड को सबक सिखाने की योजना बनाकर उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी. बंगाल से मुजफ्फरपुर (बिहार) आकर इस दुस्साहसिक अभियान को अंजाम देना उनके अतुलनीय साहस, संगठन कौशल और भारत माता के प्रति अनन्य प्रेम का अद्वितीय उदाहरण है. उन्होंने उपस्थित लोगों से आजादी के नायकों के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की.

प्रफुल्ल चंद्र चाकी के त्याग को भी किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने खुदीराम बोस के साथी क्रांतिकारी प्रफुल्ल चंद्र चाकी के बलिदान को भी नमन किया. वक्ताओं ने कहा कि भारत की भावी पीढ़ी को इन अमर शहीदों की कुर्बानियों से सीख लेकर समाज और देश के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए. इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंझौल के स्थानीय नागरिक, प्रबुद्धजीवी और युवा उपस्थित रहे.

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