ePaper

एआइएसएफ के छात्रों ने समाहरणालय पर किया प्रदर्शन

Updated at : 13 Aug 2025 9:41 PM (IST)
विज्ञापन
एआइएसएफ के छात्रों ने समाहरणालय पर किया प्रदर्शन

बुधवार को अपने संगठन के 90वें स्थापना दिवस के मौके पर एआइएसएफ से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने भारी बारिश और मौसम विपरीत के बावजूद बेगूसराय समाहरणालय पर प्रदर्शन किया.

विज्ञापन

बेगूसराय. बुधवार को अपने संगठन के 90वें स्थापना दिवस के मौके पर एआइएसएफ से जुड़े सैकड़ों छात्रों ने भारी बारिश और मौसम विपरीत के बावजूद बेगूसराय समाहरणालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए एआइएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि हमारे संगठन का इतिहास लड़कर इस देश को आजाद कराने का है. देश के लिये शहीद होने का है और अभी भी देश के शिक्षा में व्याप्त अराजकता के खिलाफ हमारा संगठन संघर्ष करते हुए अपना 90 वर्ष पूरा किया. अंग्रेजों से लड़कर पटना के सचिवालय पर शहीद होने वाले सात शहीदों की याद में एआइएसएफ आज अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहा है. बेगूसराय जिला अधिकारी को बेगूसराय के छात्रों की समस्याओं से कोई लेना नहीं है. एसआइआर में हो रही गड़बड़ियों से पूरी तरह से लापरवाह हैं. हमलोग आज पूरे सबूत के साथ एसआइआर में हो रही धांधली और गड़बड़ी से अवगत कराने आये हैं, लेकिन इन्हें कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि आज के आंदोलन का मुद्दा बेगूसराय की जनता से जुड़ा हुआ है. एसआइआर में हो रही धांधली पर, बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना, इंटर में आवेदित सभी छात्रों का नामांकन की गारंटी सहित बेगूसराय के विभिन्न शैक्षणिक सवालों को लेकर प्रदर्शन करने आया है. एआइएसएफ के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार एवं जिला सचिव सत्यम भारद्वाज ने संयुक्त रूप से कहा कि बेगूसराय की जनता ने बहुत भरोसे से बेगूसराय के जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया. लेकिन बेगूसराय के जनप्रतिनिधियों को ना बेगूसराय के छात्र नौजवानों के भविष्य की चिंता है न ही जनता की. किसी भी राज्य का कर्तव्य है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को आगे पढाई करने का मौका दें, लेकिन यहां बिहार के अंदर बच्चे उच्च शिक्षा इंटर एवं स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवेदन तो करते हैं लेकिन राज्य सरकार द्वारा सीट सीमित कर उन्हें पढ़ाई से वंचित कर दिया जाता है और जनप्रतिनिधियों को इन समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं होता है यह दुर्भाग्य की बात है. मौके पर ताइक्वांडो के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सह एआइएसएफ के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कैसर रेहान एवं छात्र नेता हसमत बालाजी ने कहा कि देश के शिक्षा की बैटरी तभी हो सकती है जब देश के बजट का दसवां हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जायेगा, लेकिन सरकार ने नयी शिक्षा नीति 2020 लकार शिक्षा के बजट को और काम कर दिया और शिक्षा को गर्त में भेज दिया. हमारा संगठन आज के आंदोलन के माध्यम से मांग करता है कि नयी शिक्षा नीति 2020 वापस कर देश में समान स्कूल प्रणाली लागू कर सबों को बराबर शिक्षा का अधिकार दें. सभा की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार कर रहे थे. सभा में छात्र नेता शाहरुख इकबाल, जिला उपाध्यक्ष बसंत कुमार,नगर सचिव विपिन कुमार, श्रीकृष्ण महिला कॉलेज नेत्री नेहा कुमारी, रीतू कुमारी, रवीना कुमारी, एसबीएसएस कॉलेज के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष विपुल कुमार, आलोक कुमार, अंकित कुमार, रनवीर कुमार, अक्षय कुमार, संजीव कुमार, संजू,मो निशार, सोहिल कुमार, मो आसिफ, मो सूफियान, मो मोजीब, मो जिशान, मो अशरफ, मो शादाब, मो सज्जाद सहित सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MANISH KUMAR

लेखक के बारे में

By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन