10 वर्ष पुरानी गाड़ियों से ही लिया जा रहा है काम, संसाधनों की है कमी
घटना होने पर देर से पहुंचते हैं दमकल वाहन
बेगूसराय(नगर) : जिले में अग्निशमन विभाग भगवान भरोसे संचालित हो रहा है. गरमी का मौसम में शुरू होने लगा है. ऐसे में विभाग को दुरूस्त नहीं करना शासन व प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है. ऐसे में अग्निकांड की छोटी-बड़ी घटनाओं में लोगों को अपना हाथ जगरनाथ ही एक मात्रा सहारा हो पाता है. गरमी के दस्तक देते ही लोगों को अग्निकांड की घटनाओं का भय सताने लगता है. अगले तीन माह तक 24 घंटे अग्निदेवता के प्रकोप को लेकर लोग सहमे रहते हैं. ऐसे में बेगूसराय में कार्यरत दमकल विभाग साधन और संसाधन की कमी झेल रहा है. जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है.
जिले में कई अनुमंडलों में दमकल की गाड़ियां तो मौजूद है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण होने वाले आपात स्थिति में विभाग फेल हो जाती है. पर्याप्त वाहन, उपकरण, प्रशिक्षित कर्मियों, गाड़ी चालकों की कमी है. नतीजा है कि अग्निकांड की सूचना मिलने पर त्वरित गति से घटनास्थल पर पहुंच कर आग पर काबू पाने में दमकल विभाग फेल हो जाता है.सबसे ताज्जूब की बात यह है कि बेगूसराय में पांच अनुमंडल एवं 18 प्रखंड है. जिसमें अनुमंडल स्तर पर ही दमकल की व्यवस्था है. ऐसे में प्रखंड क्षेत्रों में होने वाले अग्निकांड की घटना के बाद अनुमंडल से वहां तक सूचना मिलने पर गाड़ियों को पहुंचने में काफी वक्त लग जाता है.दमकल की गाड़ी उस समय पहुंचती है जब लोगों का आशियाना ध्वस्त हो जाता है. गरमी के दस्तक देते ही प्रत्येक वर्ष जिले के हर प्रखंड में पर्याप्त दमकल उपलब्ध कराने की मांग होती है लेकिन वर्षों से यह मांग पूरी नहीं हो पायी है. शासन एवं प्रशासन के द्वारा जब तक पर्याप्त मात्रा में दमकल के साथ कर्मियों की तैनाती नहीं की जाती है तब तक अगलगी की घटनाओं पर काबू पाना दमकल विभाग के लिए बेमानी साबित होगी.
