श्रद्धा. श्रीमद्भागवत कथा में बह रही भक्ति रस की धारा
शहर की सबसे घनी आबादी वाले लोहियानगर में श्रीमद्भागवत कथा में इन दिनों भक्ति रस की धारा प्रतिदिन प्रवाहित हो रही है. कथा सुनने के लिए लोहियानगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं. 14 मई से शुरू होने वाले इस श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वृंदावन की धरती से आये बाल व्यास अखिलेशानंद जी महाराज अपने मुखारविंद से लोगों को भाव विभोर कर रहे हैं.
बेगूसराय(नगर) : शहर की सबसे घनी आबादी वाले लोहियानगर में श्रीमद्भागवत कथा में इन दिनों भक्ति रस की धारा प्रतिदिन प्रवाहित हो रही है. कथा सुनने के लिए लोहियानगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं. 14 मई से शुरू होने वाले इस श्रीमद्भागवत कथा के दौरान वृंदावन की धरती से आये बाल व्यास अखिलेशानंद जी महाराज अपने मुखारविंद से लोगों को भाव विभोर कर रहे हैं.
इस मौके पर श्रीकृष्ण की अद्भुद झांकी प्रस्तुत की गयी, जिसे देखने के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मौके पर कथावाचक अखिलेशानंद जी महाराज ने कहा कि प्रेम के वशीभूत हैं प्रभु. कोई भी प्राणी अपने माथे की लकीर स्वयं नहीं देख सकता. परंतु भगवान श्री कृष्ण माथे की लकीर देखने को स्वयं दर्पण है. जिनका आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है. भगवान श्रीकृष्ण के प्रेमलीला का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु केवल प्रेम के वशीभुत हैं
इसलिए गोपियां ग्वाल-बाल सभी उनके दीवाने थे. आज समाज में इसका अभाव दिख रहा है. हम सब वैमनस्यता का भाव लिए आपस में लड़-झगड़ रहे हैं. हमें उनके प्रेम व आदर्श का अनुसरण करना चाहिए. कथा स्थल पर इन दिनों मेले का नजारा बना हुआ है. ठेला, मिठाई की दुकानें व अन्य स्टॉल आने वाले श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना है. इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय पार्षद नूतन कुमारी, मुकेश कुमार, गोपाल कुमार, प्रफुल्ल कुमार, साकेत, गोलू कुमार, निपुण, पंडित, संजय मिश्रा,डॉ जितेंद्र राय, ब्रजेश कुमार प्रिंस,शुभम कुमार समेत अन्य लोग लगे हैं.
