बेगूसराय का ये कैसा सरकारी स्कूल? 2 कमरों में जमीन पर बैठने को मजबूर 402 छात्र, 1.5 साल से अटका है भवन निर्माण

छात्र जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने
Begusarai Primary School : बेगूसराय जिले के प्राथमिक विद्यालय मजोसडीह में भवन की भारी कमी है, जिसके कारण 402 छात्र-छात्राएं ज़मीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. अभिभावकों ने इस गंभीर समस्या पर शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है.
Begusarai Primary School : बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मजोसडीह में भवन की कमी के कारण छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द भवन निर्माण पूरा कराने की मांग की है.
भवन की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई
बछवाड़ा प्रखंड की कादराबाद पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय मजोसडीह में पर्याप्त कक्षाओं के अभाव में विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है. विद्यालय में कुल चार भवन हैं, जिनमें एक का उपयोग कार्यालय और दूसरे का रसोईघर के रूप में किया जा रहा है. शेष दो भवनों में ही सभी बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है.
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप.
स्थानीय अभिभावकों मुकेश पासवान, रमेश पासवान, इंद्रजीत कुमार, अमित कुमार और प्रीतम कुमार का कहना है कि विद्यालय में अतिरिक्त भवन निर्माण की मांग कई बार शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय विधायक से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. उनका कहना है कि गर्मी, सर्दी और बरसात हर मौसम में बच्चों को जमीन पर बैठना पड़ता है.
जंगल और विषैले जीवों के बीच पढ़ने की मजबूरी
अभिभावकों के अनुसार विद्यालय के आसपास झाड़ियां और जंगल होने के कारण बरसात के मौसम में सांप और अन्य विषैले जीवों का खतरा बना रहता है. ऐसे में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है.
प्रधानाध्यापक ने बताई अतिरिक्त विद्यार्थियों की वजह
विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार सुमन ने बताया कि विद्यालय में छह शिक्षक कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ वर्ष पहले मध्य विद्यालय अरवा नवीन के 181 विद्यार्थियों को भी इसी विद्यालय में पढ़ाने का निर्देश मिला था. इसके बाद विद्यालय में कुल 402 विद्यार्थी हो गए, जबकि उपलब्ध कक्षाएं पर्याप्त नहीं हैं. इसी कारण कई बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.
डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रहे बच्चे
स्थानीय लोगों ने बताया कि अरवा पंचायत के बच्चों को प्रतिदिन करीब डेढ़ किलोमीटर सुनसान रास्ते से पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है. बारिश के दौरान रास्ता कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे बच्चों और अभिभावकों को काफी परेशानी होती है.
डेढ़ साल से अधूरा है विद्यालय भवन निर्माण
स्थानीय लोगों के अनुसार बिहार शिक्षा परियोजना के तहत मध्य विद्यालय अरवा नवीन का भवन निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है और परियोजना स्थल पर योजना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. लोगों ने निर्माण एजेंसी से कार्य में तेजी लाने की मांग की है.
छात्रों ने भी बताई अपनी परेशानी
विद्यालय के विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें रोज लंबी दूरी तय कर दूसरे पंचायत के स्कूल आना पड़ता है. उनका कहना है कि विद्यालय परिसर के आसपास जंगल होने से जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने में हमेशा डर बना रहता है. छात्रों ने अपने गांव के विद्यालय का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है.
शिक्षा विभाग ने निरीक्षण का दिया आश्वासन
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में प्रभार संभाला है और विद्यालय की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर जल्द निरीक्षण करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या देरी पाई जाती है तो संबंधित संवेदक के खिलाफ विभाग को लिखित शिकायत भेजी जाएगी.
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लेखक के बारे में
By डबलू कुमार
डबलू कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अकबरनगर (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि रखते हैं.
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