छौड़ाही. टूजी को कौन पूछे, दुनिया थ्रीजी को पीछे छोड़ने की तैयारी में है.परंतु संचार क्रांति के इस दौर में छौड़ाही के इंटरनेट व मोबाइल उपभोक्ता काफी पीछे खड़े है. तकरीबन एक दशक पहले प्रखंड मुख्यालय में दूरभाष केंद्र स्थापित किया गया, तब इस केंद्र से 500 के लगभग बेसिक टेलीफोन के उपभोक्ता जुड़े थे. अब यह संख्या सिमट कर 50 के करीब पहुंच गयी है. लैंडलाइन का जाल पहले छह किलोमीटर की परिधि में कई गांवों में फैला था. जो सिमट कर फिलवक्त सांवत, छौड़ाही, बखड्डा व बरदाहा तक रह गया है.उपभोक्ताओं में मोबाइल व इंटरनेट के बढ़ते क्रेज को देखते हुए बीएसएनएल द्वारा छौड़ाही दूरभाष केंद्र में ब्रॉडबैंड उपकरण लगाया गया, ताकि उपभोक्ताओं को आधुनिक संचार सेवा का लाभ मिल सके परंतु परिणाम सिफर ही रहा. उक्त ब्रॉडबैंड उपकरण अब तक चालू हीं नहीं किया गया. ब्रॉडबैंड सेवा से मरहूम रहने के चलते जरूरी उपभोक्ताओं को रोसड़ा, गढ़पुरा या फिर मंझौल जाने को मजबूर होना पड़ता है. दूरभाष केंद्र में कार्यरतकर्मी ने बताया कि ब्रॉडबैंड मशीन का कुछ पार्ट्स खोल कर गढ़पुरा दूरभाष केंद्र में लगाया गया था. इसी वजह से ब्रॉडबैंड सेवा चालू नहीं हो पाया है. एसडीओ टी मंझौल ने इस संबंध में बात के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो सका.
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बीएसएनएल ब्रांडबैंड सेवा से छौड़ाहीवासी वंचित
छौड़ाही. टूजी को कौन पूछे, दुनिया थ्रीजी को पीछे छोड़ने की तैयारी में है.परंतु संचार क्रांति के इस दौर में छौड़ाही के इंटरनेट व मोबाइल उपभोक्ता काफी पीछे खड़े है. तकरीबन एक दशक पहले प्रखंड मुख्यालय में दूरभाष केंद्र स्थापित किया गया, तब इस केंद्र से 500 के लगभग बेसिक टेलीफोन के उपभोक्ता जुड़े थे. […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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