10 किमी फैले कृष्ण जन्मोत्सव मेले की छटा देख भावविभोर हो रहे हैं श्रद्धालु

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Aug 2019 6:23 AM

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विपिन कुमार मिश्र : बेगूसराय. तेघड़ा में लगने वाली 5 दिवसीय ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले को लेकर विभिन्न पूजा -पंडालों में जयकारों की गूंज लगनी शुरू हो गयी. चारों तरफ घंटा और जयकारे से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया. बिजली की रंग-बिरंगी रोशनी और पूजा पंडालों की छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र […]

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विपिन कुमार मिश्र : बेगूसराय. तेघड़ा में लगने वाली 5 दिवसीय ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले को लेकर विभिन्न पूजा -पंडालों में जयकारों की गूंज लगनी शुरू हो गयी. चारों तरफ घंटा और जयकारे से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया. बिजली की रंग-बिरंगी रोशनी और पूजा पंडालों की छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना है.

बैटरी द्वारा संचालित बल्ब से शुरू हुई थी पूजा : सन 1930 का वर्ष था. भारत में राष्ट्रीय आंदोलन का दौर चल रहा था. उसी क्रम में स्थानीय व्यवसायी स्व विशेश्वर लाल ने अपने क्षेत्र के युवकों को उत्साहित कर एक मंडप निर्माण में आर्थिक मदद दिया तब स्व सूर्यनारायण पोद्दार के नेतृत्व लखन आर्य, कारी लाल साह, रामजीलाल,नोरंग लाल,डॉ रामेश्वर साह, बालो पोद्दार, डॉ कृष्णरायन पोद्दार सभी स्वर्गीय ने स्पर्धा के साथ मूर्ति का निर्माण करा कर बैटरी द्वारा संचालित बल्ब से पूजा में चार चांद लगा दिया. उन दिनों लाउडस्पीकर का चलन सिर्फ शहरों में था.
अथक प्रयास से लाउडस्पीकर लगा कर भक्ति गीतों से पूरे मेला क्षेत्र में दर्शकों को सम्मोहित कर दिया. स्थानीय शहनाई वादक स्व पलटू मेहतर एवं प्रसादी मेहतर का शहनाई वादन सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. समय बदलता गया मेले में सजावट में आधुनिक साधन एवं रंगों से मेले का रौनक बढ़ते गया
कब-कब किस मंडप में शुरू हुई कृष्ण की आराधना : इसी कड़ी में 1966 में ओमप्रकाश केलेंका, जगत साह ने सत्संग भवन के निकट नये मंडप की स्थापना की तो 1977 में चैती दुर्गास्थान के निकट हरि मालाकार, झगरू दास, क्रमश 1990 में स्टेशन रोड में डॉ आरएन साहू, मो कुर्बान, के नेतृत्व में तो 1993 में पश्चिमी क्षेत्र सलेमपुर तितु में ,1996 में तेघड़ा प्रखंड कार्यालय के नये मंडपों का निर्माण चलते गया और आज तेघड़ा क्षेत्र में 15 मंडपों में लोग पूजा कर रहे हैं.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे रहते हैं जवान व स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि : इस मेले करीब पांच लाख श्रद्धालु के आगमन पर प्रशासन भी सतर्क रहती है. मेला में शांति -व्यवस्था बनाये रखने में स्वयंसेवी संस्था के अलावा पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.
जिला पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ निशांत,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आशीष आनंद, थाना प्रभारी शरत की देखरेख में सेक्टर वाइज मजिस्ट्रेट,पेट्रोलिंग पुलिस पार्टी एवं पूरे मेला क्षेत्र में काफी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल को सुरक्षा के लिए लगाया गया है.वहीं असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है.
25 करोड़ का होता है कारोबार
तेघड़ा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर पांच लाख से अधिक श्रद्धालु मेले में पहुंचते हैं. इस इलाके का कोई ऐसा घर नहीं होता है जहां मेहमानों व अतिथियों की टोली न पहुंचती हो. मेले में जिले के अलावा राज्य के कई हिस्से से कारोबारी अपने व्यवसाय को लेकर यहां पहुंचते हैं. बताया जाता है कि पांच दिनों के इस मेले में लगभग 25 करोड़ का कारोबार, मीना बाजार, खिलौना, चाट-पकौड़े व मिठाई की दुकानों, होटलों समेत अन्य कारोबारों से होता है.
मेले की व्यवस्था के लिए बनाया गया है कंट्रोल रूम
पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखने के लिए मुख्य बाजार में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आशीष आनंद ने बताया कि इस बार मेला में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 42 मजिस्ट्रेट,44 पदाधिकारी,250 सशस्त्र बल, 97 लाठी बल, 88 महिला पुलिस बल सहित 104 चौकीदारों को लगाया गया है. मेला अवधि में वाहनों का आना जाना निषेध घोषित किया गया है.
10 किलोमीटर में मेले की छटा देख मंत्रमुग्ध हो रहे श्रद्धालु
पूरे 10 किलोमीटर क्षेत्र में अलग -अलग 15 पूजा समितियों द्वारा भगवान के विभिन्न रूपों की झलकियों के साथ पूरे क्षेत्र को आकर्षक तरीके से सजाया गया है . वहीं अलग-अलग ढंग का तोरण द्वार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस ऐतिहासिक मेला की चर्चा देश के अलावा विदेशों में भी होती है.
‘हाथी, घोड़ा, पालकी-जय कन्हैया लाल की…’ से गूंजा पूजा-पंडाल
बेगूसराय. सुशील नगर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर पूजा -पंडाल को मध्यरात्रि बाद आम लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया गया. भगवान श्री कृष्ण का पट खुलते ही श्रद्धालुओं के जयकारा से मंदिर गूंजने लगा. जय कन्हैया लाल की हाथी ,घोड़ा पालकी,शंख ,घंटा ,घडि़याल की ध्वनि से मंदिर गुंजायमान हो उठा.
कृष्ण और राधा की मनमोहक मूर्ति को देखकर मध्य रात्रि में पूजा करने आए सभी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. आधी रात को पूरा सुशील नगर गांव रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक सजावट से जगमग कर रहा था. मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के भक्ति गीत और घरों में आरती से पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो रहा था .मंदिरों में पूजा पाठ करने वाले लोगों का तांता लगा था. आरती पूजन करने के बाद लोगों के बीच पंचामृत प्रसाद का वितरण किया गया.
श्री कृष्ण जन्माष्टमी जन्मोत्सव को लेकर कमरुद्दीनपुर के कीर्तन सम्राट रामजतन यादव व उसके पूरे टीम के लोगों के द्वारा गाये गये भजन पर देर रात्रि तक लोग झूमते रहे. इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुखिया सुधीर यादव, दिनेश पोद्दार, लालो महतो ,गज वदन, पासवान ,रितेश कुमार ,महेंद्र साह, दर्शन कुमार पांडेय, प्रीतम कुमार महतो , पिंटू कुमार श्रद्धालुओं की देखरेख में लगे रहे.
राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित की गयी
वीरपुर. प्रखंड क्षेत्र के वीरपुर पश्चिम पंचायत अंतर्गत रघुनाथ दास ठाकुरबाड़ी परिसर में शुक्रवार को नवनिर्मित राधा- कृष्ण मंदिर में प्राण -प्रतिष्ठा के साथ राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापित की गयी. कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आचार्य राज पल्लव झा के द्वारा मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करायी गयी.
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