बांका के हाटों में देसी बकरों की जबरदस्त डिमांड, 35 हजार तक पहुंचे दाम
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 27 May 2026 11:02 AM
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Banka News : ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर बांका जिले के हाट-बाजारों में रौनक बढ़ गयी है. कुर्बानी के लिए लोग अच्छी नस्ल और वजनदार बकरों की खरीदारी में जुटे हैं. इस बार बकरों की कीमत में पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. इसके बावजूद बाजारों में खरीदारों की भीड़ लगातार बढ़ रही है.
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बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
बकरीद पर्व को लेकर बांका जिले के विभिन्न हाटों में इन दिनों चहल-पहल का माहौल है. बौंसी के महराणा हाट, बांका के समुखियामोड़ हाट, अमरपुर और कटोरिया सहित अन्य बाजारों में देशी और ब्लैक बंगाल नस्ल के बकरों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है.12 हजार से 35 हजार तक बिक रहे बकरे
बाजार में इस बार बकरों की कीमत 12 हजार रुपये से शुरू होकर 35 हजार रुपये तक पहुंच गयी है. अच्छी कदकाठी और ज्यादा वजन वाले बकरों की मांग सबसे अधिक है. व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार बकरों के दाम में करीब 15 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.कुर्बानी के लिए उमड़ रही खरीदारों की भीड़
अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सुबह से ही हाटों में पहुंचकर पसंदीदा बकरे की तलाश में जुटे दिख रहे हैं. खरीदार खास तौर पर देशी और ब्लैक बंगाल नस्ल के बकरों को प्राथमिकता दे रहे हैं. बाजारों में मोलभाव का दौर भी लगातार चलता रहा.बकरीद को लेकर बाजारों में बढ़ी रौनक
जिले में 28 मई को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा. इसे लेकर बाजारों में उत्साह का माहौल है. कपड़ा, सेवई, मसाले और अन्य जरूरी सामानों की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ने लगी है. बकरों के बाजार में सबसे ज्यादा चहल-पहल देखने को मिल रही है.इस्लाम धर्म में खास महत्व रखता है बकरीद
ईद-उल-अजहा को इस्लाम धर्म में बेहद खास पर्व माना जाता है. इस दिन कुर्बानी देने की परंपरा है, जिसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि बकरीद से पहले बकरों की खरीदारी को लेकर बाजारों में विशेष रौनक देखने को मिलती है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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