जीवन को निर्मल व पवित्र बनाने का एक मात्र रास्ता सतसंग

Updated at : 11 Mar 2026 8:03 PM (IST)
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जीवन को निर्मल व पवित्र बनाने का एक मात्र रास्ता सतसंग

रजौन प्रखंड के तिलकपुर गांव में दो दिवसीय बांका जिला संतमत सत्संग का 33वां अधिवेशन प्रारंभ हो गया है. बुधवार से आयोजित इस अधिवेशन में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी है.

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बांका जिला संतमत सत्संग का 33वां अधिवेशन प्रारंभ ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज के अलावा अन्य साधु-संतों का आना है जारी बांका/रजौन. रजौन प्रखंड के तिलकपुर गांव में दो दिवसीय बांका जिला संतमत सत्संग का 33वां अधिवेशन प्रारंभ हो गया है. बुधवार से आयोजित इस अधिवेशन में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी है. अधिवेशन में संत सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हृदय स्वरूप संत शाही स्वामी जी महाराज के कृपा-पात्र ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज के अलावे धैर्यानंद जी महाराज, प्रेमानंद, दयानंद, माधवानंद, विप्रानंद, अनुपम बाबा और जुगलानंद सहित दर्जनों विद्वान संत महात्मा का आगमन हुआ है. मंच संचालन बांका जिला संतमत सत्संग समिति के मंत्री प्रो ललन कुमार द्वारा किया जा रहा है. अधिवेशन के पहले दिन ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज ने सत्संग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य का संग ही सत्संग है. जीवन को निर्मल और पवित्र बनाने का एक मात्र रास्ता सतसंग है. सत्संगति मूर्खता को हर लेती है, वाणी में सत्यता का संचार करती है. दिशाओं में मान-सम्मान को बढ़ाती है, चित्त में प्रसन्नता को उत्पन्न करती है और दिशाओं में यश को विकीर्ण करती है. संतमत सत्संग लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहेगा. गुरुवार को अनुयायियों की भारी भीड़ जुटने की संभावनाएं है. आयोजन समिति ने दूर-दराज से आने वाले अनुयायियों व साधु संतों के ठहरने का भी प्रबंध किया है. कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त तिलकपुर वासी लगे हुए हैं.

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SHUBHASH BAIDYA

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