बांका में बिजली के पोल पर उग आया 'जंगल', हल्की बारिश में ठप हो जाती है सप्लाई, पंजवारा के लोगों ने उठाए सवाल

पंजवारा में बिजली पोल बने 'जंगल', हल्की बारिश में ही चरमरा जाती है व्यवस्था | Prabhat Khabar Network
Banka News: पंजवारा, बांका में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण 11 हजार केवीए के बिजली खंभे झाड़ियों और लताओं से ढक गए हैं। इससे हल्की बारिश में भी बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे आम जनता और किसान भारी परेशानी में हैं।
Banka News: बांका जिले के पंजवारा में बिजली व्यवस्था मानसून शुरू होते ही लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन गई है. यहां 11 हजार केवीए हाईटेंशन लाइन के बिजली पोल और तार झाड़ियों, बेलों और पेड़-पौधों से पूरी तरह घिर चुके हैं. हालत यह है कि कई जगह बिजली के खंभे दूर से पेड़ों की तरह दिखाई देते हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश और तेज हवा आते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
बिजली के पोल बने 'जंगल', तारों तक पहुंच गई झाड़ियां
पंजवारा थाना क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली विभाग की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है. हाईटेंशन लाइन के पोल और तारों पर झाड़ियां, लताएं और पेड़ों की टहनियां इस तरह फैल गई हैं कि कई स्थानों पर बिजली के तार पूरी तरह ढक गए हैं.
मानसून के दौरान गीली झाड़ियों के तारों के संपर्क में आने से बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सफाई नहीं हुई तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है.
हल्की बारिश और तेज हवा में बढ़ जाता है शॉर्ट सर्किट का खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश या तेज हवा चलने पर पेड़ों की डालियां हाईटेंशन तारों से टकराती हैं. इससे कई बार चिंगारी निकलती है और शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन जाती है.
लोगों का कहना है कि पहले भी बिजली से जुड़े हादसे सामने आ चुके हैं. ऐसे में यदि समय रहते झाड़ियों की छंटाई नहीं कराई गई तो जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहेगी.
किसानों की बढ़ी मुश्किल, सिंचाई भी हो रही प्रभावित
बिजली की अनियमित आपूर्ति का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है. बारिश के मौसम में खेतों की सिंचाई और कृषि कार्य बिजली पर निर्भर हैं, लेकिन थोड़ी सी बारिश के बाद ही घंटों बिजली गुल हो जाती है.
स्थानीय निवासी रमेश कुमार बताते हैं कि बारिश शुरू होते ही बिजली चली जाती है. कई-कई घंटे तक आपूर्ति बहाल नहीं होती. इससे घरों में भी परेशानी होती है और खेतों में सिंचाई का काम भी प्रभावित होता है.
नीचे झुके तारों से राहगीरों में डर
कई स्थानों पर बिजली के तार नीचे की ओर झुक गए हैं. झाड़ियों और बेलों का अतिरिक्त भार होने के कारण लोगों को इनके नीचे से गुजरने में डर लगता है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई तार टूटकर गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है.
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि तारों से निकलने वाली चिंगारी के कारण वे हमेशा दहशत में रहते हैं.
शिकायत के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है. लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही समस्या दोहराई जाती है.
इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि जल्द ही विशेष अभियान चलाकर बिजली लाइनों के आसपास उगी झाड़ियों और टहनियों की छंटाई कराई जाएगी. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि जहां भी ऐसी स्थिति दिखाई दे, उसकी सूचना विभाग को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके.
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए विभाग को तत्काल अभियान चलाकर हाईटेंशन लाइनों की सफाई करानी चाहिए, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारु रहे और संभावित हादसों से बचा जा सके.
Also Read: हाजीपुर से चिराग पासवान ने कर दिया ऐलान, यूपी की सभी 403 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By गौरव कश्यप
गौरव कश्यप प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पंजवारा (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










