ओढ़नी डैम में जल्द होगी ' द मायागंज ' वेब सीरीज की शूटिंग, विश्व पटल पर दिखेगा ओढ़नी

फोटो कैप्शन- ओढ़नी जलाशय की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
बांका के ओढ़नी डैम में जल्द ही द मायागंज वेब सीरीज की शूटिंग होगी। डॉ. निर्जर वृन्द की इस पहल से स्थानीय पर्यटन और क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
बांका. जिले के बौंसी प्रखंड अंतर्गत झरना गांव निवासी साहित्यकार, पटकथा लेखक और फिल्मकार डॉ. निर्जर वृन्द अपनी आगामी वेब सीरीज "द मायागंज" को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज के कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ओढ़नी डैम में की जाएगी. जो जल्द रिलीज भी होने जा रही है.इस खबर के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, युवाओं और कला-साहित्य से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल देखा जा है. प्रकृति की अनुपम छटा से लबरेज है ओड़नी जलाशय ओड़नी जलाशय पर्यटकों को आकर्षित करता है.यहां फिल्म सिटी बनाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है.कई फिल्मकारों ने यहां पहुंचकर इसका अवलोकन भी किया है. प्राकृतिक सौंदर्य, चारों ओर पहाड़ियों की श्रृंखला, शांत जलराशि और हरियाली से आच्छादित ओढ़नी डैम लंबे समय से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है. अब इसी मनमोहक स्थल की खूबसूरती जल्द ही वेब सीरीज के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचेगी. बताया जा रहा है कि कहानी की मांग और दृश्यात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ओढ़नी डैम को एक महत्वपूर्ण शूटिंग लोकेशन के रूप में चुना गया है.
मानवीय संबंधों, संघर्षों व संवेदनाओं पर फोकस जानकारी के अनुसार,"द मायागंज" केवल मनोरंजन आधारित वेब सीरीज नहीं होगी, बल्कि इसमें समाज, मानवीय संबंधों, संघर्षों, संवेदनाओं व रहस्यों और बदलते सामाजिक परिवेश को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा. कहानी के कई ऐसे दृश्य हैं जिनमें प्रकृति, एकांत और भावनात्मक गहराई की आवश्यकता थी, जिसके लिए ओढ़नी डैम का चयन सबसे उपयुक्त माना गया. वेब सीरीज के कुछ अहम और यादगार दृश्य इसी स्थान पर फिल्माए जाने की तैयारी है. फिल्म के जरिए अंग क्षेत्र की विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने की मुहिम डॉ. निर्जर वृन्द का मानना है कि बिहार, विशेषकर अंग क्षेत्र में ऐसे अनेक प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए. "द मायागंज " के माध्यम से उनकी कोशिश केवल एक अच्छी कहानी प्रस्तुत करने की नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को भी व्यापक मंच तक पहुंचाने की है.स्थानीय लोकेशनों को प्राथमिकता देना इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है. छोटे से गांव से निकल कर साहित्य व सिनेमा में बनाई पहचान
झरना गांव जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. निर्जर वृन्द की यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन रही है. साहित्य, कहानी और पटकथा लेखन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद अब वे डिजिटल मनोरंजन के माध्यम से अपनी रचनात्मक दृष्टि को नए आयाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उनके इस प्रयास को स्थानीय स्तर पर युवाओं, प्रकृति व साहित्य प्रेमियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है. शूटिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ओढ़नी डैम जैसे पर्यटन स्थलों पर फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग होती है, तो इससे न केवल इन स्थानों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. शांत जल में क्रीडा के लिए पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.साथ ही साथ होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी यह एक सकारात्मक अवसर साबित होगा.
युवाओं में भी है उत्साह
क्षेत्र के युवाओं में भी इस परियोजना को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है. कई लोगों का मानना है कि यदि भविष्य में इस तरह की परियोजनाएं लगातार आती रहीं, तो बांका जिला फिल्म और वेब कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है. इससे स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने के अवसर प्राप्त होंगे.
लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है
फिलहाल "द मायागंज" की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं और दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है. खासकर ओढ़नी डैम में फिल्माए जाने वाले दृश्यों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है. माना जा रहा है कि जब यह वेब सीरीज दर्शकों के सामने आएगी, तब उसके साथ बांका जिले की प्राकृतिक सुंदरता, ओढ़नी डैम की मनोहारी छवि और अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी देशभर तक पहुंचेगी. 2025 में बेंगलुरु में एड्स स्टोरी के लिए मिल चुका है अवार्ड मूल रूप से बांका निवासी व हाल में नाथनगर के नसरतखानी के निवासी व तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र रहे डॉ निर्जर वृंद द्वारा लिखित कहानी एड्स स्टोरी को अवार्ड मिला है. बेंगलुरु में पांच जनवरी 2025 फेस्टिवल के मुख्य अतिथि मशहूर फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने डॉ निर्जर वृंद को विजेता के रूप में इंडियन फिल्म हाउस द्वारा 1.5 लाख नकद इनाम व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया था.
इंडियन फिल्म हाउस के फिल्म फेस्टिवल वर्ष 2024 के लिए डॉ निर्जर वृंद की स्टोरी एड्स को प्रथम स्थान मिला था
इंडियन फिल्म हाउस के फिल्म फेस्टिवल वर्ष 2024 के लिए डॉ निर्जर वृंद की स्टोरी एड्स को प्रथम स्थान मिला था. डॉ निर्जर वृंद द्वारा लिखित तीन कहानियों पर बॉलीवुड के तीन प्रमुख प्रोडक्शन हाउस करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन, सूरज बड़जात्या की राजश्री प्रोडक्शन व फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट फिल्म बनाने जा रही है.
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लेखक के बारे में
By सुभाष वैद्य
सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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