बांका डबल मर्डर केस : पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा भरोसा, लेकिन मृतक के दो परिवारों पर टूटा आर्थिक संकट

Updated:
विज्ञापन

शोकाकुल मृतक सिट्टु सिंह का परिवार. | Prabhat Khabar Network

Banka Double Murder Case : बांका जिले के अमरपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस की तत्परता ने अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया. हालांकि, पुलिस की कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन पीड़ित परिवारों के सामने अब आर्थिक तंगी एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है.

विज्ञापन

Banka Double Murder Case : बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया संथाली टोला में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों का भरोसा मजबूत किया है. घटना के महज एक सप्ताह के भीतर दोनों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मृतकों के परिवारों और ग्रामीणों ने पुलिस की सराहना की है. धर्मराय गांव के मृतक गुंजन सिंह और सिट्टू सिंह के परिजनों ने कहा कि पुलिस की सक्रियता से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.

कमाने वालों की मौत से गहराया आर्थिक संकट

गुंजन सिंह के पिता अर्जुन सिंह, पत्नी सपना देवी और सिट्टू सिंह की पत्नी संजु देवी समेत अन्य परिजनों का कहना है कि परिवार के कमाऊ सदस्यों की हत्या के बाद आर्थिक संकट गहरा गया है. गांव के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है. साथ ही उन्होंने इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की भी अपील की है.

तकनीकी जांच से मुख्य शूटर तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार 5 जुलाई को गुंजन सिंह और सिट्टू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मृतक सिट्टू सिंह की बहन वीणा कुमारी के बयान पर सचिन सिंह और सोमनाथ सिंह उर्फ सोम सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया. एसपी अमितेश कुमार के निर्देश पर गठित एसआईटी ने पहले सोम सिंह को बेगूसराय के तेघड़ा से गिरफ्तार किया, जबकि तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से दबोच लिया गया.

हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर हमला

पुलिस के अनुसार हथियार बरामद कराने के लिए आरोपी को घटनास्थल लाया गया था. इसी दौरान उसने छिपाई गई पिस्टल निकालकर पुलिस पर हमला करने और भागने का प्रयास किया. आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी. फिलहाल उसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा है. इस मामले में पुलिस पर हमला, फायरिंग और पुलिस अभिरक्षा से भागने के प्रयास सहित अन्य धाराओं में अलग प्राथमिकी भी दर्ज की गई है.

बांका पुलिस की कार्रवाई बनी चर्चा का विषय

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में बांका पुलिस की त्वरित कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि पीड़ित परिवारों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा छिन गया है. ऐसे में अब उनकी सबसे बड़ी उम्मीद सरकार की आर्थिक मदद और अदालत से जल्द न्याय मिलने पर टिकी हुई है.

बांका में पुलिस मुठभेड़ों का रहा है लंबा इतिहास

बांका पुलिस का रिकॉर्ड लंबे समय से नक्सलियों और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रहा है. हालिया बलिया संथाली टोला दोहरे हत्याकांड में पुलिस की सफलता के बाद जिले के पुराने चर्चित पुलिस ऑपरेशन भी चर्चा में हैं. आइये जानते हैं पिछले दो दशकों काी मुठभेड़ का इतिहास :

21 फरवरी 2011 : तत्कालीन एसपी विकास वैभव के नेतृत्व में जयपुर थाना क्षेत्र के मांझीडीह में पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब सात घंटे तक भीषण मुठभेड़ चली थी. इस अभियान में मास्ट वांटेड इनामी नक्सली जोसेफ हांसदा समेत छह नक्सली मारे गए थे, जबकि एक हार्डकोर नक्सली को पुलिस ने जिंदा गिरफ्तार किया था. यह अभियान उस समय राज्य के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशनों में गिना गया था.

21 फरवरी 2017 : को तत्कालीन एसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में आनंदपुर थाना क्षेत्र के हल्दिया पड़रिया जंगल में पुलिस ने नक्सली संगठन के सब-जोनल कमांडर मंटू खैरा को मुठभेड़ में मार गिराया था. मंटू खैरा पर राज्य सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था.

8 अप्रैल 2025 : तत्कालीन एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के नेतृत्व में कटोरिया थाना क्षेत्र के आमातरी जंगल में हुई मुठभेड़ में जमुई का कुख्यात मोस्ट वांटेड अपराधी रमेश टुडू उर्फ टेटूआ मारा गया था. वह कई गंभीर मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की सूची में शामिल था.

हालांकि, बांका पुलिस को भी नक्सली हिंसा का सामना करना पड़ा है.

3 नवंबर 2005 : आनंदपुर थाना क्षेत्र के गौरा गांव में काली पूजा के दौरान गश्ती कर रही पुलिस टीम पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में तत्कालीन आनंदपुर थानाध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा सहित तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना जिले के सबसे दर्दनाक नक्सली हमलों में शामिल मानी जाती है.

ये भी पढ़ें : अमरपुर डबल मर्डर का मुख्य शूटर सचिन पुलिस मुठभेड़ में जख्मी, रांची से हुआ था गिरफ्तार


विज्ञापन
सुभाष वैद्य

लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन