जिले के जलस्त्रोतों में मछली पालन की संभावनाओं को तलाशेगा विभाग

मत्स्य विभाग मछली उत्पादन के क्षेत्र में जिले को विकसित करने की एक नयी और खास रणनीति पर काम कर रही है. इसके अंतर्गत जिले के जल निकायों की सूची तैयार की जायेगी
जिले के जल निकायों की सूची तैयार की जायेगी बांका. मत्स्य विभाग मछली उत्पादन के क्षेत्र में जिले को विकसित करने की एक नयी और खास रणनीति पर काम कर रही है. इसके अंतर्गत जिले के जल निकायों की सूची तैयार की जायेगी और आधुनिक तकनीक के जरिये सर्वे कर मछली पालन के संभावनाओं को भी तलाशा जायेगा. जानकारी के मुताबिक, सेवा प्रदाता संस्था के माध्यम से जल निकायों का सर्वेक्षण और सर्वेक्षण किये गये जल निकायों से मछली उत्पादन और उत्पादकता का आंकलन किया जायेगा. इसके लिए आधुनिक तकनीक व विकसित साॅफ्टवेयर की मदद ली जायेगी. सर्वेक्षण कार्य व केंद्रीय अंतर्देशीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान के माध्यम से अथवा साॅफ्टवेयर विकसित कर डाटा संग्रहण, आकलन व विश्लेषण के लिए सरकार ने बड़ी राशि स्वीकृत की है. भागलपुर रेंज में बांका, तीसरे फेज में होगा सर्वे बांका को भागलपुर रेंज में रखा गया है. इसे जोन थ्री ए का नाम दिया गया है. मुख्य रूप से बांका में तीसरे फेज में सर्वे कार्य प्रारंभ किया जायेगा. विशेष रूप से नदी, नाला, तालाब, आहर-पाइन, जलाशय, नहर, चेक डैम, गड्ढा आदि जलस्त्रोतों का सर्वे किया जायेगा. विभाग का मानना है कि इन उपलब्ध जलस्त्रोतों में मत्स्य उत्पादन व उत्पादकता वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इन जलस्त्रोतों की वर्तमान स्थिति, आकार, अवस्थिति तथा मत्स्य क्षमता का सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है. अधिकतर जलस्त्रोत दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद है. इसीलिए इन सभी का सर्वे कर डाटाबेस तैयार किया जायेगा. कहते हैं अधिकारी जलस्त्रोतों का सर्वेक्षण कार्य यहां संपादित करना है ताकि मछली पालन को और अधिक विकसित किया जा सके. यहां प्रदान संस्था सर्वेक्षण का काम करेगी. विभागीय निर्देश के आलोक में सभी प्रक्रियाएं पूरी होगी. मनोज कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी, बांका.
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