कैबिनेट मंत्री का चुनाव भी सांसद-विधायक से कराये, सशक्त स्थायी समिति के नये नियम पर भड़कीं मुख्य पार्षद
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 26 May 2026 2:56 PM
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Banka News : नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति गठन के नए नियम पर अब विरोध तेज होने लगा है. कटोरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद सपना शिवानी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर यही व्यवस्था सही है तो फिर कैबिनेट मंत्रियों का चुनाव भी सांसद और विधायक से कराया जाए
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कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
बिहार नगर पालिका संशोधन अधिनियम 2026 के तहत नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के गठन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. कटोरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद सपना शिवानी ने नए चुनावी प्रावधान पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे नगर विकास कार्य प्रभावित होंगे और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है.नये नियम पर मुख्य पार्षद का तीखा विरोध
कटोरिया (बांका). बिहार नगर पालिका संशोधन अधिनियम 2026 के तहत नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है. इस प्रावधान का विरोध करते हुए कटोरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद सपना शिवानी ने सरकार पर तीखा निशाना साधा है.उन्होंने कहा कि सशक्त स्थायी समिति नगर निकाय की कैबिनेट के समान होती है. ऐसे में समिति गठन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे विकास कार्यों में समन्वय बना रहे, न कि राजनीतिक टकराव की स्थिति उत्पन्न हो.“मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री को अधिकार, तो नगर निकाय अध्यक्ष को क्यों नहीं”
मुख्य पार्षद सपना शिवानी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को अपनी पसंद का मंत्रिमंडल चुनने का अधिकार प्राप्त है, तो नगर निकायों के अध्यक्षों को भी अपनी कार्यकारिणी चुनने का अधिकार मिलना चाहिए.उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार की नई व्यवस्था सही है तो फिर कैबिनेट मंत्री का चुनाव भी सांसद और विधायक से कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे नगर प्रशासन प्रभावित होगा.विकास योजनाओं पर पड़ सकता है असर
मुख्य पार्षद ने कहा कि सशक्त स्थायी समिति में सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी और अन्य जरूरी योजनाओं से जुड़े फैसले लिए जाते हैं. यदि समिति में अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा के लोग होंगे तो विकास कार्यों में खींचतान और टकराव बढ़ सकता है.उन्होंने आशंका जताई कि इससे विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ जाएगी और जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा.सरकार से पुनर्विचार की मांग
सपना शिवानी ने सरकार से इस प्रावधान पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि नगर निकायों के बेहतर संचालन और विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है जिसमें अध्यक्ष और समिति के बीच बेहतर तालमेल बना रहे.उन्होंने कहा कि राजनीतिक विवाद बढ़ने से नगर विकास प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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