बांका के स्कूल में फर्जी शिकायत का मामला, जांच में आरोप सही,शिक्षक को नोटिस

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फर्जी शिकायत दर्ज कराने के मामले में शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब, सात दिनों का अल्टीमेटम | Prabhat Khabar Network

बांका के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक पर छात्र के मोबाइल से OTP लेकर विभागीय पोर्टल पर फर्जी शिकायतें दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगा है. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.

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Banka Teacher News: बांका के पंजवारा स्थित राज्य संपोषित उच्च विद्यालय में विभागीय सहयोग पोर्टल पर कथित तौर पर फर्जी और मनगढ़ंत शिकायतें दर्ज कराने का मामला सामने आया है. विद्यालय के शिक्षक सुरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने छात्र के मोबाइल से OTP लेकर विभागीय पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और माहौल प्रभावित हुआ.

जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका के निर्देश पर हुई स्थलीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है. उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पक्ष साक्ष्य के साथ रखने का निर्देश दिया गया है. तय समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

शिकायतों से विद्यालय का माहौल प्रभावित होने का आरोप

कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका की ओर से जारी पत्र के अनुसार, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने शिक्षक सुरेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत की थी.

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिक्षक कभी ग्रामीणों तो कभी छात्रों के माध्यम से विभागीय सहयोग पोर्टल पर अनावश्यक और मनगढ़ंत शिकायतें दर्ज करवाते हैं. इससे विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था के साथ शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने विद्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जांच की.

दसवीं के छात्र के मोबाइल से OTP लेने का आरोप

जांच के दौरान दसवीं कक्षा के छात्र आलोक कुमार का मामला सामने आया. बताया गया कि किसी कारण से छात्र का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया था.

आरोप है कि शिक्षक सुरेंद्र कुमार ने छात्र को यह कहकर गुमराह किया कि उसके मोबाइल पर आने वाले OTP की जरूरत रजिस्ट्रेशन पूरा कराने के लिए है. इसके बाद छात्र के मोबाइल पर आए OTP को शिक्षक ने ले लिया और कथित तौर पर विभागीय सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी.

छात्र आलोक कुमार ने इस संबंध में 7 अगस्त 2026 को लिखित जानकारी भी दी थी. इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ी.

मोबाइल की कॉल हिस्ट्री और स्क्रीनशॉट से हुई जांच

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने 12 अगस्त 2026 को विद्यालय पहुंचकर मामले की स्थलीय जांच की. जांच के दौरान छात्र आलोक कुमार के मोबाइल की कॉल हिस्ट्री और स्क्रीनशॉट भी देखे गए.

जांच में 3 अगस्त 2026 को सुरेंद्र कुमार के नाम से दर्ज मोबाइल नंबर 9570192259 पर कॉल किए जाने की बात सामने आयी. छात्र ने जांच अधिकारियों को बताया कि उक्त नंबर से कॉल कर उसे कहा गया था कि उसके मोबाइल पर OTP आएगा और OTP देने से उसका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा.

जांच रिपोर्ट में इन तथ्यों के आधार पर शिक्षक पर लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना गया.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जांच में भी सामने आया आरोप

मामले की जांच प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बाराहाट की ओर से भी की गयी. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 425, दिनांक 12 अगस्त 2026 के माध्यम से रिपोर्ट भेजी.

रिपोर्ट में बताया गया कि शिक्षक द्वारा संबंधित छात्र को उकसाकर विभागीय सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आयी है.

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले भी शिक्षक पर विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने और गुटबाजी करने के आरोप लगे थे. प्रशासनिक दृष्टिकोण से उन्हें मूल विद्यालय से दूसरे विद्यालय में प्रतिनियोजित किए जाने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है.

सात दिनों में देना होगा बचाव का जवाब

शिक्षा विभाग ने मामले को शिक्षक आचरण से जुड़ा गंभीर विषय माना है. शिक्षक सुरेंद्र कुमार को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के भीतर लगाए गए आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों पर बिंदुवार अपना स्पष्टीकरण साक्ष्य के साथ प्रस्तुत करें.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

Banka Teacher News: अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल शिक्षक की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी. विभागीय जांच में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है, लेकिन अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधित शिक्षक के जवाब और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी.

विद्यालय में पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो और विभागीय शिकायत व्यवस्था का गलत इस्तेमाल नहीं हो, यह अब शिक्षा विभाग के सामने अहम जिम्मेदारी है. आने वाले दिनों में शिक्षक के स्पष्टीकरण और विभाग के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी.

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गौरव कश्यप

लेखक के बारे में

By गौरव कश्यप

गौरव कश्यप प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पंजवारा (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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