अमरपुर अस्पताल में AC खराब, पंखा भी नहीं दे रहा साथ, उमस से तड़प रहे मरीज, तो विलख रहे नवजात
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 04 Jun 2026 2:12 PM
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Banka News : एक तरफ 40 डिग्री के पार पहुंचता तापमान, दूसरी तरफ अस्पताल के वार्ड में खराब एसी और बेअसर पंखों के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज. हालात ऐसे हैं कि नवजात बच्चों से लेकर प्रसूता महिलाओं तक को उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ रही है, जबकि अस्पताल प्रशासन महीनों से पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग कर रहा है.
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अमरपुर बांका से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
Banka News : बांका जिले के अमरपुर रेफरल अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच बिजली और लो वोल्टेज की समस्या ने स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां बढ़ा दी हैं. वार्ड में लगा एसी कई दिनों से खराब पड़ा है और पंखे पर्याप्त हवा नहीं दे पा रहे हैं. इससे भर्ती मरीजों, उनके परिजनों, नवजात बच्चों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.इलाज के साथ गर्मी की दोहरी मार
अमरपुर प्रखंड के एकमात्र रेफरल अस्पताल में इन दिनों मरीजों को बीमारी के साथ-साथ भीषण गर्मी से भी जूझना पड़ रहा है. वार्ड में लगा एसी कई दिनों से खराब है. वहीं लो वोल्टेज के कारण पंखे केवल औपचारिकता निभा रहे हैं. गर्मी और उमस के बीच मरीजों तथा उनके परिजन हाथ के पंखों का सहारा लेकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.प्रसूता महिलाओं और नवजातों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं का इलाज और प्रसव कराया जाता है. लेकिन उमस भरे वातावरण के कारण जच्चा-बच्चा वार्ड में स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है. नवजात बच्चों और प्रसूता महिलाओं को पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है. परिजनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों की देखभाल करना भी कठिन हो गया है.कम क्षमता का ट्रांसफॉर्मर बना परेशानी की जड़
अस्पताल परिसर में लगा 63 केवी का ट्रांसफॉर्मर बढ़ती जरूरतों के मुकाबले पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रहा है. इसके कारण पूरे अस्पताल में लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है. डॉक्टरों के कक्ष, स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यालय और मरीजों के वार्ड सभी इससे प्रभावित हैं. एसी और पंखों के साथ-साथ कई अन्य विद्युत उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं.दवाओं और उपकरणों पर भी मंडरा रहा खतरा
अस्पताल प्रबंधक ऋषि कुमार ने बताया कि अस्पताल को कम से कम 200 केवी क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर की आवश्यकता है. इस संबंध में कई बार बिजली विभाग को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. लो वोल्टेज के कारण जीवन रक्षक दवाओं को सुरक्षित रखने वाले फ्रिज भी प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही एसी, पंखे और अन्य उपकरण बार-बार खराब होने से मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है.ऑपरेशन से लेकर सामान्य इलाज तक प्रभावित
बिजली की समस्या का असर केवल वार्ड तक सीमित नहीं है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान भी डॉक्टरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है.जिले का प्रमुख अस्पताल, फिर भी मूलभूत सुविधा का संकट
डिलिवरी कराने के मामले में अमरपुर रेफरल अस्पताल जिले के अग्रणी अस्पतालों में गिना जाता है. इसके बावजूद बिजली और लो वोल्टेज की समस्या लगातार बनी हुई है. मरीजों और उनके परिजनों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है ताकि अस्पताल में भर्ती लोगों को भीषण गर्मी के बीच राहत मिल सके और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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