ठंड का कहर जारी, दिन में धूप बेअसर; रात में कनकनी

Published at :17 Jan 2017 6:27 AM (IST)
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ठंड का कहर जारी, दिन में धूप बेअसर; रात में कनकनी

दिन में धूप निकलने से लोगों को मिलती है राहत बांका : रे धीरे ही सही लेकिन पिछले दस दिनों से ठंड ने अपना असर दिखाना आरंभ कर दिया है. जिस प्रकार से ठंड का प्रकोप बढ़ा है उससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. शाम और सुबह में तो बर्फिली हवा चल रही है. हालांकि […]

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दिन में धूप निकलने से लोगों को मिलती है राहत

बांका : रे धीरे ही सही लेकिन पिछले दस दिनों से ठंड ने अपना असर दिखाना आरंभ कर दिया है. जिस प्रकार से ठंड का प्रकोप बढ़ा है उससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. शाम और सुबह में तो बर्फिली हवा चल रही है. हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत होती है. लेकिन अगर चिकित्सकों की माने तो इस वक्त का ठंड काफी नुकसानदेह है. इस ठंड से लोग परेशान है लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. जिला प्रशासन दावा कर रही है कि सभी प्रखंडों में अलाव की व्यवस्था हो गयी है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. एक दो दिन को छोड़कर कभी भी अलाव नहीं जली है.
जबकि ठंड से बचाव के लिए इस जिले को पचास हजार की राशि आयी है. ठंड का कहर ऐसा है कि लोग सूरज निकलने के बाद घरों से निकलते है और उनकी कोशिश होती है कि वह शाम ढलने के पहले अपने घरों में लौट जाय. ठंड के कहर का सबसे सीधा असर उन गरीबों पर पड़ रहा है जिनके पास तन ढकने के लिए ना तो गरम कपड़े है और ना ही सर ढकने के लिए छत. टूटी झोपड़ी में किसी प्रकार से अपनी जिंदगी गुजार रहे है. इसके अलावे रेन बसेरा है कि अतिक्रमणकारियों की चपेट में है जिस कारण शहर में आये लोग किसी प्रकार अपनी रात गुजारते है उस पर अलाव की व्यवस्था नहीं है. वहीं न्यायालय के कार्य से आये लोगों के लिए रात बड़ी मुश्किल से कट रही है. जो अमीर लोग है वह अपनी निजी वाहन से आते है और न्यायालय का कार्य कर लौट जाते है. कुछ है कि वह होटलों में कमरे लेकर रात गुजार देते है लेकिन सबसे अधिक परेशानी उनको होती है जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है.
अभी तक कहीं नहीं जला अलाव:
विभागीय आंकड़ों की अगर बात करें तो जिला मुख्यालय को छोड़कर अब तक अलाव कहीं पर नहीं जला है. अलाव के लिए सभी अंचलाधिकारी के पास पैसे का भुगतान कर दिया गया है लेकिन अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. जिला प्रशासन के अनुसार अभी ठंड का कहर उस तरह से नहीं है जिससे की अलाव जलायी जाय.
नगर पंचायत ने नहीं की व्यवस्था: इस जिले में बांका व अमरपुर दो नगर पंचायत है लेकिन दोनों स्थानों में से किसी भी स्थान पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. पिछले साल इस वक्त तक यानी कहे कि इतनी ठंड में नगर पंचायत के द्वारा शहर के प्राय: सभी चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कर दी गयी थी लेकिन इस वर्ष अब तक इसकी व्यवस्था नहीं की गयी है.
अस्पतालों में रोज आते हैं एक दर्जन मरीज: ठंड की कहर की वजह से परेशान करीब एक दर्जन लोग रोजाना सदर अस्पताल बांका पहुंचते है. लोगों को बुखार, खांसी, कैय और दसत की शिकायत रहती है. हालांकि सीएस के द्वारा अलग से व्यवस्था की गयी है.
कहते हैं चिकित्सक
ठंड काफी पड़ रही है. ऐसे में लोगों को गर्म पानी और गर्म भोजन का सेवन करना चाहिए. गर्म कपड़े से पूरे शरीर को ढक कर रखना चाहिए. कान में मोफलर और पांव में जूता पहन कर ही घर से निकलना चाहिए. परेशानी होने पर चिकित्सक से जरूर सलाह लेनी चाहिए.
अशोक कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी
कहते हैं अधिकारी
सभी प्रखंडों सहित दोनों नगर पंचायतों में अलाव की व्यवस्था के लिए फंड अभी है. ठंड को देखते हुए अंचलाधिकारी अगर चाहे तो अलाव जलवा सकते है. साथ ही गरीबों के बीच कंबल वितरण के लिए भी पैसे का भुगतान कर दिया गया है.
मो एच रहमान, एडीएम बांका
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