चिल्ड्रेन पार्क में बच्चे नहीं, दौड़ते हैं आॅटो
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Nov 2016 6:38 AM (IST)
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मैदान पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, बच्चों को खेलने में होती है परेशानी लंबे अरसे बाद एक चिल्ड्रेन पार्क बांका को मिला है. वह भी शहर के बीचोंबीच न होकर शहर के अंतिम छोर पर स्थित है. ऐसे में शहर के बच्चे को खेलने के लिए समुचित मैदान नहीं है. जो मैदान है, वह अतिक्रमित हो […]
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मैदान पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, बच्चों को खेलने में होती है परेशानी
लंबे अरसे बाद एक चिल्ड्रेन पार्क बांका को मिला है. वह भी शहर के बीचोंबीच न होकर शहर के अंतिम छोर पर स्थित है. ऐसे में शहर के बच्चे को खेलने के लिए समुचित मैदान नहीं है. जो मैदान है, वह अतिक्रमित हो चुका है. वहां पर ऑटो और प्राइवेट वाहनों का जमावड़ा है. दुकानें खुल गयी हैं.
बांका : शहर के बीचों बीच स्थित वीर कुंवर सिंह मैदान इस वक्त अतिक्रमणकारियों की चपेट में है. वहां पर बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, दुकानें व आम लोगों के लिए पेशाव घर बन गया है. जिस कारण वह खेल का मैदान नहीं रह गया है. अधिकारियों की लापरवाही की वजह से बच्चे शाम को अपना मन मशोस के रह जाते हैं. बच्चियों को खेलने के लिए बना मैदान अब बरबाद हो चुका है.
बड़े-बड़े होते थे आयोजन. कुछ दिनों पूर्व तक वीर कुंवर सिंह मैदान पर कई बड़े-बड़े आयोजन होते थे. उस मैदान पर लाल कृष्ण आडवानी, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, सुशील मोदी, राम विलाश पासवान, शाहनवाज हुसैन सहित कई राजनेताओं के द्वारा लोगों को संबोधित कर सत्ता पर पहुंचने का राह आशान किया गया है. लेकिन आज वह मैदान अपनी दुर्दशा पर आंशु बहा रहा है. उस मैदान पर लोग पेशाब करते हैं. ऑटो, बस व प्राइवेट वाहनों के खड़े रहने की वजह से मैदान खराब हो गया है लेकिन उस ओर किसी की नजर नहीं पहुंच रही है.
एक एकड़ में है मैदान. गांधी चौक के समीप बना यह मैदान काफी लोकप्रिय रहा है. यह स्वतंत्रता सैनानी बीर कुंवर सिंह के नाम जाना जाता है. यह मैदान राजकीय कृत कन्या मध्य विद्यालय का है. उस मैदान का निर्माण बच्चियों के खेलने के लिए बनाया गया था. इस मैदान का क्षेत्रफल पूरे एक एकड़ में फैला हुआ है. विद्यालय के द्वारा इस मैदान की धेरा बंदी नहीं कराने की वजह से इसका अधिकांश भाग अतिक्रमण की चपेट में पहुंच गया है.
सौंदर्यीकरण में आ सकता है काम. जिले को साफ-सुथरा व सुंदर बनाने में यह मैदान काफी अहम भुमिका निभा सकता है. इस मैदान को अगर जिला प्रशासन पार्क का रूप दे दे तो यह शहर को सुंदर बना देगा. गांधी चौक के सुंदर बनने के साथ ही बाद अगर इस मैदान को पार्क का रूप दे दिया जाय तो शहर खुबसूरत दिखने लगेगा.
क्या कहते हैं शहरवासी . बांका शहर के राजीव कुमार का कहना है कि वह इस मैदान पर काफी राजनेताओं का भाषण सुने हैं. यह मैदान काफी खुबसूरत है. जिला प्रशासन को जल्द ही इसे अतिक्रमण मुक्त बनाना चाहिए. शहर के अमन कुमार सिंह का कहना है इसके घेराबंदी हो जाने से यहां पर बच्चे व बच्चियां शाम के वक्त खेल सकते है. शहर के ही सोनम कुमार सिंह का कहना है कि यह शहर के बीचों बीच है. अगर यह अतिक्रमण मुक्त हो जाय तो शहरवासियों के लिए काफी उपयोग में आ सकता है. शहर के ही रणधीर कुमार का कहना है कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द इसको अतिक्रमण मुक्त बनाने का प्रयास करें
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बार बार कार्रवाई की जाती है. यह मैदान विद्यालय का है अगर विद्यालय के द्वारा लिखित आवेदन दिया जायेगा तो इसे भी अतिक्रमण मुक्त कर दिया जायेगा.
केएन पाठक, सीओ, बांका
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