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बौंसी में 2.50 करोड़ की लागत से फूड प्रोसेसिंग उद्योग की होगी स्थापना

Updated at : 23 Jan 2020 8:04 AM (IST)
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बौंसी में 2.50 करोड़ की लागत से फूड प्रोसेसिंग उद्योग की होगी स्थापना

बांका : टमाटर, मशरूम सहित अन्य फसल उत्पादन करने वाले किसान को अब अपने फसल की चिंता नहीं करनी होगी. डीएम कुंदन कुमार के प्रयास से जल्द ही फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की स्थापना की जायेगी. पंजाब प्रांत के मोहाली में अवस्थित डीके फूड प्रोसेसिंग कंपनी अपनी एक शाखा बौंसी के अपूर्ण अभिजीत प्लांट के समीप […]

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बांका : टमाटर, मशरूम सहित अन्य फसल उत्पादन करने वाले किसान को अब अपने फसल की चिंता नहीं करनी होगी. डीएम कुंदन कुमार के प्रयास से जल्द ही फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की स्थापना की जायेगी. पंजाब प्रांत के मोहाली में अवस्थित डीके फूड प्रोसेसिंग कंपनी अपनी एक शाखा बौंसी के अपूर्ण अभिजीत प्लांट के समीप स्थापित करने जा रही है.

इसकी लागत करीब दो करोड़ 50 लाख पड़ सकती है. डीएम के सकारात्मक प्रभाव से प्रेरित होकर कंपनी के प्रोपराइटर दिनेश कुमार ने यह निर्णय लिया है. इस निमित कृषि भवन में बुधवार को मूल्य संवर्धन सहित अन्य बिंदुओं पर किसानों के साथ एक आवश्यक बैठक की गयी. डीएम ने कहा कि जिले में करीब तीन हजार एकड़ में टमाटर की खेती होती है. लेकिन, परंपरागत खेती से इतर अब टमाटर से पांच गुणा लाभ कमाने का मौका आया है.
लिहाजा, फूड प्रोसेसिंग के तहत अब उत्पादन को लंबे समय तक न केवल सुरक्षित रखा जायेगा, जबकि उत्पादन से कई तरह के खाद्य पदार्थ निर्माण कर बाहर में बेचा भी जायेगा. बताया गया कि किसान खूब टमाटर की खेती करें, संबंधित कंपनी उचित मूल्य पर टमाटर खरीद कर इसका कैचअप, प्यूरी इत्यादि प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बिक्री करेगी.
इस इंडस्ट्रीज के आने के बाद बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा. कहा कि 42 हजार 961 हेक्टेयर भूमि बंजर पड़ी है. लेमनग्रास से इसे पाटने की शुरुआत की गयी है. जिसमें 110 एकड़ में लेमनग्रास के खेती हो रही है.
साथ ही इस बंजर भूमि पर 225 एकड़ में शुष्क बागवानी कार्यक्रम के तहत 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराते हुए आम का पौधारोपण कार्य किया गया है. आने वाले समय में बागवानी कार्यक्रम को और बढ़ावा दिया जायेगा. उप निदेशक (भूमि संरक्षण) को 25 सौ एकड़ भूमि में इस वर्ष बंजर भूमि पर वृक्षारोपण का कार्य कराने का लक्ष्य है. वहीं प्रोपराइटर ने बताया कि शुरूआत में टमाटर से प्यूरी बनाया जायेगा. साथ ही बटन मशरूम की पैकेजिंग भी किया जायेगा.
इसके अलावा अन्य तरह के भी खाद्य पदार्थ तैयार किया जायेगा. उन्होंने किसानों से जमकर खेती करने की अपील की. वहीं इसके अलावा डीएम के नेतृत्व में सिमिंग मशीन के जरिये पैकेजिंग, कैचअप सहित अन्य विधि की प्रायोगिक जानकारी किसानों को दी गयी.
मधु उत्पादन को मिल रहा है बढ़ावा
डीएम ने झिरवा मशरूम ग्राम के तर्ज पर करमा पंचायत को हनी ग्राम के रुप में विकसित करने की बात कही है. बैठक के दौरान बताया गया कि यहां के किसान रिपुसूदन मधुमक्खी पालन में काफी सक्रिय है. प्रगतिशील किसान से अन्य किसान को भी प्रेरित कर शहद का उत्पादन बढ़ाया जायेगा. किसान रिपुसूदन ने बताया कि कम खर्च में उन्होंने एक वर्ष में दस लाख लाभ कमाने का लक्ष्य रखा है.
डीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से जिले में मधु उत्पादन के लिये विशेष प्रयास किया गया है. इसका परिणाम में बेहतर आ रहे है. किसान बड़े पैमाने पर मधु उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं. इसके लिये जिले में 3 हजार मधुमक्खी बक्से का नि:शुल्क वितरण किया जायेगा.
किसानों को भ्रमण कराने का निर्देश
डीएम ने कहा कि वर्षों का प्रयास अब यहां सफल होता दिख रहा है. अब इसे व्यापक रूप देने की आवश्यकता है. उन्होंने कृषि विभाग व आत्मा को वाहन के माध्यम से किसानों को प्रगतिशील खेती से अवगत कराने का निर्देश दिया.
कहा कि किसान को वाहन के माध्यम से मशरूम, टमाटर, मधुमक्खी सहित अन्य समेकित कृषि से जुड़ी अन्य इकाई का अवलोकन कराएं. बेहतर देखने से हौसला बढ़ता है.
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