एक वर्ष से दवा की सप्लाई बंद, आयुष चिकित्सक मरीजों को दे रहे पारासिटामोल

बांका : आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए जिले में आयुष चिकित्सक की बहाली की गयी. परंतु विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आयुष चिकित्सक आयुर्वेदिक दवा की किल्लत से जूझ रहे हैं. आलम यह है कि आयुष चिकित्सक प्राथमिक उपचार के दरम्यान जीवन रक्षक के नाम पर अंग्रेजी दवा लिख रहे हैं. विभागीय […]
बांका : आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए जिले में आयुष चिकित्सक की बहाली की गयी. परंतु विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आयुष चिकित्सक आयुर्वेदिक दवा की किल्लत से जूझ रहे हैं. आलम यह है कि आयुष चिकित्सक प्राथमिक उपचार के दरम्यान जीवन रक्षक के नाम पर अंग्रेजी दवा लिख रहे हैं. विभागीय जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2016-17 में दो बार राज्य से आयुष चिकित्सा प्रणाली के लिए दवा का आवंटन आया था.
जिसके बाद अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इसका वितरण किया गया. परंतु कुछ माह के उपरांत ही सभी स्वास्थ्य केंद्र से दवा का स्टॉक खाली हो गया. ऐसी सूरत में आयुष चिकित्सक अंग्रेजी दवा लिखने के लिए मजबूर हैं. संबंधित अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि दवा आपूर्ति के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है.
जैसे ही दवा की आपूर्ति जिला को होगी, वैसे ही सभी स्वास्थ्य केंद्र पर वितरण कर दिया जायेगा. वहीं दूसरी ओर एलोपैथ दवा लिखने की बात पर आयुष चिकित्सकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश है कि जीवन रक्षक के नाम पर अंग्रेजी दवा लिखी जा सकती है. परंतु जिले में मौजूद स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति यह है कि आयुष चिकित्सक किसी भी बीमारी के लिए एलोपैथ की दवा धड़ल्ले लिख रहे हैं. ज्ञात हो कि स्वास्थ्य समिति की ओर से आयुष चिकित्सकों की बहाली इसी मापदंड के अनुसार की गयी थी, कि ऐसे चिकित्सक आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथी दवा लिख सकते हैं. परंतु मौजूदा स्थिति बिल्कुल विपरीत है.
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