बरामद शव का होगा डीएनए टेस्ट

Published at :29 Jul 2017 3:45 AM (IST)
विज्ञापन
बरामद शव का होगा डीएनए टेस्ट

पुलिस को प्रथम दृष्टया शव लग रहा लावारिस बांका : पुलिस चांदन नदी से बरामद शव को प्रथम दृष्टया लावारिश बता रही है. जबकि परिजनों का कहना है कि चांदन नदी से मिला शव आकाश की ही है. चूंकि आकाश का सिर का बाल छोटा-छोटा था और बरामद शव के सिर का बाल आकाश के […]

विज्ञापन

पुलिस को प्रथम दृष्टया शव लग रहा लावारिस

बांका : पुलिस चांदन नदी से बरामद शव को प्रथम दृष्टया लावारिश बता रही है. जबकि परिजनों का कहना है कि चांदन नदी से मिला शव आकाश की ही है. चूंकि आकाश का सिर का बाल छोटा-छोटा था और बरामद शव के सिर का बाल आकाश के ही समान दिख रहा है. लिहाजा परिजन ने शव की पहचान करते हुए अपनी ओर से इसकी पुष्टी कर दी है. परंतु पुलिस अबतक पशोपेश में दिख रही है. अलबत्ता, पुलिस प्रशासन ने शव का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शव का डीएनए व पिता के डीएनए से मिलान कराया जायेगा. शव का डीएनए अगर पिता के डीएनए से मैच खा जायेगा तो पुलिस अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर देगी. दरअसल, बरामद शव पूरी तरह क्षत-विक्षत है. शव के दोनों हाथ व पैर काट कर कहीं फेंक दिया गया है. जबकि उसके चेहरे को भी पूरी तरह जलाया गया है. लिहाजा, पुलिस शव की पहचान करने में विवश है. जबकि आम लोगों को भी शव की पहचान करने में कठिनाई हो रही है.
शव को देखने से यह प्रतित हो रहा है कि हत्या करीब चार से पांच दिन पहले की गयी है. पानी में रहने की वजह से शव पूरी तरह फूल गया है. जबकि उसमें कीड़े भी पड़ गए हैं. दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि 24 जुलाई से ही उनका पुत्र लापता है. उनका मानना है कि आकाश का अपहरण कर उसकी हत्या उसी दिन कर दी गयी थी. साथ ही आरोपियों ने शव को चांदन नदी के बीच में फेंक दिया था. ताकि उसकी खोज संभव नहीं हो सके. जबकि शव की पहचान मिटाने के लिए उसे विभत्स रुप दे दिया गया था. बहरहाल, पुलिस व परिजनों के बीच शव की पहचान की गुत्थी उलझी पड़ी है.
चांदन नदी से प्राप्त शव को पुलिस प्रथम दृष्टया अज्ञात मान रही है. जबकि परिजनों शव को आकाश के रुप में पहचान कर इसकी पुष्टि कर दी है. परंतु पुलिस अपने स्तर से शव का जांच कराएगी, उसके बाद ही अपना पक्ष रखेगी. परिजनों के साथ पुलिस खड़ी है, उनके सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच की जायेगी. दोषी अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा. परिजनों की मांग पर उन्हें 72 घंटे का समय प्रशासन की ओर से दी गयी है. इस दरम्यान दोषी अपराधियों की गिरफ्तारी तय की जायेगी.
शशि शंकर, एसडीपीओ, बांका
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन