सूद में गयी परिवार के पांच लोगों की जान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Jul 2017 3:44 AM (IST)
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12 जनवरी 2010 को आग लगा कर शुकर के चार पारिवारिक सदस्यों की कर दी गयी थी हत्या कोर्ट में चल रहा है हत्या का मामला, कोर्ट से केस उठाने की मिल रही थी शुकर साह को धमकी बांका : पुत्र आकाश कुमार के रूप में शव की पहचान कर परिजनों में मातमी सन्नाटा पसरा […]
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12 जनवरी 2010 को आग लगा कर शुकर के चार पारिवारिक सदस्यों की कर दी गयी थी हत्या
कोर्ट में चल रहा है हत्या का मामला, कोर्ट से केस उठाने की मिल रही थी शुकर साह को धमकी
बांका : पुत्र आकाश कुमार के रूप में शव की पहचान कर परिजनों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ. करूण-कंद्रण व आक्रोश के बीच में पूरा शहर शोक में डूबा रहा. शुकर साह का कहना है कि पांच सदस्यों की जान दुश्मनों ने ली है. दरअसल, शुकर साह के यहां हत्या की पहली घटना 2010 को घटी थी. जानकारी के मुताबिक 12 जनवरी 2010 को शुकर साह के भाई कैलाश साह, कैलाश साह की पुत्री पायल कुमारी, शिव कुमार व प्रिंस कुमार की हत्या आग लगा कर कर दी गयी थी. इस बाबत कैलाश साह की पत्नी ने मजलीशपुर निवासी विभीषण यादव, आनंदी यादव, जगदीश यादव, जितेंद्र यादव, राजू साह, दुखन साह, पांच साह व रुक्मिनी देवी,
धनियां देवी व कूचो देवी पर हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. यह मामला आज भी कोर्ट में लंबित है. बताया जाता है कि कैलाश साह ने विभीषण यादव से सूद पर कुछ रुपये उधार लिए थे. समय पर उधार का पैसा नहीं लौटाने पर विभीषण सूद पर सूद बढ़ा रहा था. अचानक विभीषण ने कई गुणा बढ़ाकर पैसे की मांग कर दी थी. पैसे न देने की सूरत में कैलाश साह पर घर लिखने का दवाब बनाया जा रहा था. परंतु कैलाश घर देने के पक्ष में नहीं था. लिहाजा गोतिया के सहयोग से विपक्षी ने उसकी हत्या सुबह करीब चार बजे के लगभग कर दी थी. कहा जाता है कि पीछे के रास्ते से अपराधी कैलाश के घर में दाखिल हुए थे. साथ ही तेल छिड़क अचानक आग लगाकर सभी फरार हो गये. चार सदस्यों की मौत इस दरम्यान हो गई थी. परिजनों का आरोप है कि कोर्ट में चल रहे हत्या के इसी मुकदमे को उठाने के लिए दवाब नामजद अभिुयक्त बना रहे थे. केस नहीं उठाने की सूरत में पुत्र की हत्या की धमकी दी गई थी. अंतत: अपराधियों ने साजिश के तहत आकाश की हत्या कर दी. बताया जाता है कि कैलाश ठेला पर चाट बेचकर अपने परिजनों का पेट पाल रहे थे.
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