चार लाख बच्चों का भविष्य दांव पर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jul 2017 5:40 AM (IST)
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अव्यवस्था. शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीतेे, बच्चों को नहीं मिली पुस्तकें शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीत चुके हैं. अब अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू होने वाली है. लेकिन छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिल पायी हैं. ऐसे में छात्र किस प्रकार परीक्षा देंगे. बांका : पुस्तक के अभाव में सरकारी विद्यालयों के करीब चार […]
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अव्यवस्था. शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीतेे, बच्चों को नहीं मिली पुस्तकें
शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीत चुके हैं. अब अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू होने वाली है. लेकिन छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिल पायी हैं. ऐसे में छात्र किस प्रकार परीक्षा देंगे.
बांका : पुस्तक के अभाव में सरकारी विद्यालयों के करीब चार लाख बच्चों की शिक्षा अधर में लटक गयी है. शैक्षणिक सत्र के तीन माह बीत जाने के बाद भी किताब आपूर्ति का कोई अता-पता नहीं चल रहा है. अर्धवार्षिक परीक्षा भी पास आ चुकी है. जल्द ही सभी विद्यालयों में परीक्षा शुरू कर दी जायेगी. ऐसे में बिना किताब पढ़े बच्चे उत्तर-पुस्तिका में क्या जवाब लिखेंगे. यह एक बड़ा प्रश्न हो गया है. जानकारी के मुताबिक सर्व शिक्षा अभियान तहत सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालय के बच्चों को नि:शुल्क पुस्तक दी जाती है. ताकि बच्चे स्कूल के साथ घर में भी सभी विषयों की बारीकी से अध्ययन कर सकें.
परंतु आलम यह है कि कई वर्षों से पुस्तक समय पर आवंटन नहीं हो रहा है. नतीजतन, बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. ज्ञात हो कि जिले में प्राथमिक विद्यालय 1222 व मध्य विद्यालय की संख्या में 846 है. दोनों विद्यालय में करीब तीन लाख 70 हजार बच्चे नामांकित हैं. विभागीय अधिकारी की मानें तो तीन लाख 80 हजार नयी पुस्तकों की मांग की गयी है. परंतु मुद्रण के अभाव में आवंटन नहीं हो रहा है.
पुरानी किताब का लेखा-जोखा नहीं . किताब की कमी से बच्चे वंचित नहीं रहे, इसके लिए शिक्षा विभाग ने पुरानी किताब वापस लेने की नीति बनायी, परंतु धरातल पर यह नीति सिफर साबित हुई है. ज्यादातर विद्यालयों में पुरानी किताब लौटाने के लिए बच्चे इच्छुक नहीं है, जबकि लौटायी गयी ज्यादातर किताबें पुरानी होकर फट भी गयी है. सू्त्र की मानें तो पुरानी किताबें जरूर लौटायी गयी है, परंतु छात्र-छात्राओं की इतनी बड़ी संख्या में लौटायी गयी किताबों की संख्या कम पड़ रही है. वहीं दूसरी ओर बताया गया कि बीटीसी के तहत आपूर्ति होने वाली पुस्तकों का अभी मुद्रण ही नहीं हुआ है. मुद्रण के बाद ही पुस्तक आने की संभावना है.
2068 प्राथमिक व मध्य विद्यालय में चाहिए तीन लाख 82 हजार नयी किताबें
इस दिशा में ठोस कदम उठाया जायेगा
किताब आपूर्ति होने के साथ ही वितरण कर दिया जायेगा. किताब आवंटन को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है. कुछ किताबें बीआरसी में भी होने की सूचना आयी है, जिसका वितरण नहीं हुआ है. सभी बिंदुओं की पड़ताल कर जल्द ठोस कदम उठाया जायेगा.
अनिल कुमार शर्मा, डीइओ, बांका
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