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Bihar News: सोन नदी से बालू निकासी पर रोक, एक माह में बालू की कीमत सीधे चार गुनी हुई महंगी

Updated at : 06 Jun 2022 1:35 PM (IST)
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Bihar News: सोन नदी से बालू निकासी पर रोक, एक माह में बालू की कीमत सीधे चार गुनी हुई महंगी

Bihar News: सोन नदी से बालू के निकासी पर रोक लग जाने की वजह से लाल बालू की दर एक माह में ही चारगुनी हो गयी है. बालू निकासी ठप होने से जिले के सैकड़ों मकानों का निर्माण कार्य बालू के अभाव में ठप हो गया है.

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बक्सर. एक माह में भवन निर्माण सामग्री ( बालू, गिट्टी, सीमेंट) की दर काफी महंगा हो गया है. जिस कारण लोगों के आशियाना बनाने पर फिलहाल ग्रहण लग सकता है. सोन नदी से बालू के निकासी पर रोक लग जाने की वजह से लाल बालू की दर एक माह में ही चारगुनी हो गयी है. बालू निकासी ठप होने से जिले के सैकड़ों मकानों का निर्माण कार्य बालू के अभाव में ठप हो गया है. अब कुछ वैसे लोगों के पास ही बालू है. जो पहले से स्टॉक कर रखे हैं. संभावना व्यक्त की जा रही है कि बारिश होने के बाद बालू की दर सीधे चार गुना महंगा हो जायेगी. मिली जानकारी के अनुसार बक्सर में वर्तमान समय में बालू चार हजार रुपये प्रति टेलर बिक रही है. जबकि यही बालू गत माह पच्चीस सौ रुपये से लेकर सताइस सौ रुपये थी. जबकि सीमेंट गत माह 320 रुपये प्रति बोरा था.

बालू की निकासी बंद होने के कारण विकास कार्य प्रभावित होगा.

जो अभी 420 रुपये प्रति बोरा मिल रहा है. गिट्टी फिलहाल सात हजार रुपये प्रति टाली मिल रहा है जो गत माह पैसठ सौ रुपये था. निर्माण सामग्री महंगा होने का असर केवल भवन निर्माण कार्य पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि सरकारी कार्यों पर भी पड़ेगा. मसलन सड़क निर्माण करने वाले संवेदक भी इससे अछूता नहीं रहेंगे. वही निर्माण सामग्रियों की आसमान छूती कीमतों के कारण विकास कार्य भी प्रभावित होगा. वही मजदूरों व राज मिस्त्री का रोजगार भी प्रभावित होगा. वहीं धनसोई घर बनाने का सपना अब सपना होने वाला है. बालू की निकासी बंद होने के कारण बीते एक सप्ताह में ही लाल बालू की कीमत में एक हजार रुपये प्रति ट्रॉली दाम बढ़ गये है. जिस कारण घर बनाना मुश्किल हो गया है.

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बालू के दाम में बेतहाशा वृद्धि

दाम में बेतहाशा वृद्धि होने से गृह निर्माण ठप होने के कगार पर हैं. ग्रामीण क्षेत्र में दाम बढ़ने का असर दिखने लगा है. वही ग्राहक ककरिया के सुनील राम एक सप्ताह पूर्व पच्चीस सौ रुपये में बालू खरीद कर ले गये थे,अभी जब वो बालू खरीदने आये तो चार हजार रुपये दाम सुनकर घर लौट गये. वहीं इस संबंध में विक्रेताओं ने बताया कि अगर एक सप्ताह के अंदर बालू की गाड़ियां नहीं आती है तो बालू के दाम आठ हजार रुपये ट्रेलर हो सकता है. वह भी जब तक स्टॉक है तब तक बिकेगा. वही इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है.

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