32.5 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Trending Tags:

Advertisement

बिहार के मुंगेर का बदहाल पोस्टमार्टम हाउस: बाहर खुले में चीरा लगाने की मजबूरी, शवों को नोचते हैं कुत्ते

बिहार के मुंगेर जिले का पोस्टमार्टम हाउस इस कदर बदहाल है कि शवों को रखने तक की जगह अंदर नहीं है. ना ही सुविधाएं बढ़ाई गयी और ना ही 4 साल बाद भी नये भवन में पोस्टमार्टम हाउस शिफ्ट हो सका. लावारिश शवों को कुत्ते खुले में नोचते हैं.

बिहार के मुंगेर जिले के पोस्टमार्टम हाउस का सच आपको हैरान कर देगा. यहां शव रखने तक की जगह नहीं है. बाहर से आपको पोस्टमार्टम हाउस की दीवारें और गेट वगैरह तो चकाचक दिखेगी लेकिन अंदर का सच बेहद भयावह है. यहां मुर्दों को ठीक से एक जगह तक नसीब नहीं. वहीं नया पोस्टमार्टम भवन आरंभ होने के इंतजार में है. 4 साल से तैयार इस भवन में आजतक पोस्टमार्टम हाउस शिफ्ट नहीं हो सका.

मुर्दों को ठीक से पोस्टमार्टम तक नसीब नहीं

मिशन-60 के दौरान सदर अस्पताल के सभी भवनों की दीवारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस की दीवारों और भवनों को रंग-रोगन कर चकाचक तो बना दिया गया. लेकिन शायद किसी अधिकारी ने अंदर जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया होता, तो पता होता कि मौत के बाद भी सदर अस्पताल में मुर्दों को ठीक से पोस्टमार्टम तक नसीब नहीं होता.

शवों को खुले में ही चीरा जाता

वहीं स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के बीच पोस्टमार्टम हाउस में सुविधाओं को बढ़ाने के लिये चर्चा तक नहीं होती. इसके कारण यहां पोस्टमार्टम के लिये आने वाले शवों को खुले में ही डोम राजा और चतुर्थवर्गीय कर्मी द्वारा चीरा जाता है. इसके बाद शव का निरीक्षण भी चिकित्सक खुले में करते हैं.

Also Read: बिहार की सिल्क सिटी: हथियार बनाने का पसरा काला कारोबार, भागलपुर में बाहर से आकर STF कर रही भंडाफोड़ लावारिश शवों को नोचते आवारा कुत्ते 

लावारिश लाशों को रखने के लिये कोई व्यवस्था न होने के कारण इन लावरिश शवों को यहां खुले में रखा जाता है. जहां आवारा कुत्ते कई बार लावारिश शवों को नुकसान पहुंचा देते हैं. जबकि 72 घंटे तक रखे इन शवों की दुर्गंध बगल में चल रहे एएनएम स्कूल की छात्राओं के लिये भी कई बार मुसीबत बन जाती है.

नये पोस्टमार्टम हाउस में नहीं हो सका शिफ्ट

चार साल पहले लाखों की खर्च से बना नया पोस्टमार्टम हाउस आज भी खुद के आरंभ होने के इंतजार में उपेक्षा का शिकार बना है. जो कभी स्वास्थ्य विभाग के लिये कोविड सूचना केंद्र तो कभी डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) बन जाता है.

Undefined
बिहार के मुंगेर का बदहाल पोस्टमार्टम हाउस: बाहर खुले में चीरा लगाने की मजबूरी, शवों को नोचते हैं कुत्ते 2
कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ पीएम सहाय ने बताया कि सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिये डीप फ्रीजर खरीदा जाना था लेकिन यहां केवल एक भवन है. इसमें डीप फ्रीजर रखना संभव नहीं है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें