जिला परिषद सदस्यों ने आपस में मिलकर बांट ली पुरस्कार की 50 लाख राशि, डिप्टी सीएम भी जानकर हो गयी हैरान

Updated at : 10 Jan 2021 11:24 AM (IST)
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जिला परिषद सदस्यों ने आपस में मिलकर बांट ली पुरस्कार की 50 लाख राशि, डिप्टी सीएम भी जानकर हो गयी हैरान

औरंगाबाद जिला परिषद सदस्यों ने एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है जिसे सुनकर उप मुख्यमंत्री व पंचायती राज मंत्री रेणु देवी भी भौचक्क रह गयी. पुरस्कार की राशि को जिला परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से बंदरबांट करने का प्रस्ताव 19 दिसंबर 2020 को पास कर दिया. प्रस्ताव में था कि सभी 28 सदस्यों के बीच इस राशि का बंटवारा कर दिया जाये. स्थिति यह है कि स्थानीय सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को जिला स्तर पर खारिज करने का अधिकार जिलाधिकारी को भी नहीं है. जिला परिषद के प्रस्ताव को न तो औरंगाबाद के डीडीसी न तो खारिज कर सकते हैं और नहीं उसका पालन करा सकते हैं. अब यह मामला पंचायत राज विभाग के स्तर पर आने पर ही विचार किया जा सकता है.

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शशिभूषण कुंवर,पटना: औरंगाबाद जिला परिषद सदस्यों ने एक ऐसा प्रस्ताव पास किया है जिसे सुनकर उप मुख्यमंत्री व पंचायती राज मंत्री रेणु देवी भी भौचक्क रह गयी. पुरस्कार की राशि को जिला परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से बंदरबांट करने का प्रस्ताव 19 दिसंबर 2020 को पास कर दिया. प्रस्ताव में था कि सभी 28 सदस्यों के बीच इस राशि का बंटवारा कर दिया जाये. स्थिति यह है कि स्थानीय सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को जिला स्तर पर खारिज करने का अधिकार जिलाधिकारी को भी नहीं है. जिला परिषद के प्रस्ताव को न तो औरंगाबाद के डीडीसी न तो खारिज कर सकते हैं और नहीं उसका पालन करा सकते हैं. अब यह मामला पंचायत राज विभाग के स्तर पर आने पर ही विचार किया जा सकता है.

केंद्र सरकार द्वारा औरंगाबाद जिला को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया गया. पुरस्कार के रूप में औरंगाबाद जिला परिषद को 50 लाख रुपये राशि दी गयी. जब यह राशि जिला परिषद को मिली तो उन्होंने सर्वसम्मति से आपस में बांटने का प्रस्ताव पास कर दिया. इधर औरंगाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष ने इस मामले को विभागीय मंत्री व प्रधान सचिव के समक्ष गुरुवार को आयोजित बैठक में उठाया. जैसे ही यह मामला उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के सामने आया उन्होंने निर्देश दिया कि उस राशि का उपयोग किसी भी सार्वजनिक काम के लिए कर लें. जो भी योजना लें और उसको पूरी करने के बाद उसके बोर्ड पर सभी सदस्यों का नाम अंकित करा दें.

इधर विभागीय पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह का प्रस्ताव अरवल जिला से भी आया था. अब औरंगाबाद जिला को सर्वसम्मति से लिये गये प्रस्ताव को पंचायती राज विभाग के पास भेजना होगा. औरंगाबाद जिला परिषद उस प्रस्ताव को अब खारिज भी नहीं कर सकता है. पंचायती राज विभाग ही उस प्रस्ताव को खारिज करेगा, उसके बाद उस राशि के अनुरूप कोई योजना ली जायेगी. औरंगाबाद जिला परिषद अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि उस राशि से जिला परिषद की जमीन पर ग्रामीण पार्क का निर्माण करा दिया जाये. इसकी स्वीकृति उप मुख्यमंत्री रेणु देवी ने दे दी.

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औरंगाबाद जिला को स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट लगाने, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग जनों के लिए काम करने और आपदा प्रबंधन की दिशा में काम करने के लिए दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया गया.

Posted By :Thakur Shaktilochan

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