FASTag अचानक हो सकता है बंद! KYV नहीं किया तो टोल पर फंस सकते हैं आप

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FASTag: KYV एक वेरिफिकेशन प्रक्रिया है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि FASTag उसी वाहन से जुड़ा हो, जिस पर वह लगाया गया है. इसके तहत वाहन मालिक को अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और वाहन की फोटो अपलोड करनी होती है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि टैग सही गाड़ी पर लगा है.

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FASTag:अगर आपका FASTag कभी टोल प्लाज़ा पर अचानक काम करना बंद कर दे या “Inactive” दिखने लगे, तो आप अकेले नहीं हैं. हाल के महीनों में देशभर के कई वाहन मालिकों को इस समस्या का सामना करना पड़ा है. इसकी सबसे बड़ी वजह Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन रही है. अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 2025 में इस प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिससे FASTag यूज करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.

KYV (Know Your Vehicle) क्या है?

KYV एक वेरिफिकेशन प्रक्रिया है, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि FASTag उसी वाहन से जुड़ा हो, जिस पर वह लगाया गया है. इसके तहत वाहन मालिक को अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और वाहन की फोटो अपलोड करनी होती है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि टैग सही गाड़ी पर लगा है. यह नियम 2023 के आखिर में लागू किया गया था. इसका उद्देश्य टोल टैक्स में हो रहे दुरुपयोग को रोकना था, खासतौर पर उन मामलों को जहां कमर्शियल वाहन कार वाले FASTag का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. हालांकि, आम वाहन चालकों के लिए यह प्रक्रिया काफी जटिल साबित हुई.

2025 में KYV प्रक्रिया क्यों बदली गई?

बीते एक साल में बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं कि KYV पूरा न होने पर FASTag अचानक ब्लॉक हो जाता है. टोल प्लाज़ा पर गाड़ी रोकनी पड़ती है और अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ता है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए NHAI और IHMCL (Indian Highways Management Company Limited) ने KYV प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला लिया.

KYV प्रक्रिया में 2025 के बड़े बदलाव

2025 में जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत कई अहम बदलाव किए गए हैं. सबसे पहले, फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया आसान की गई है. अब वाहन मालिक को केवल एक फ्रंट फोटो अपलोड करनी होगी, जिसमें नंबर प्लेट और विंडशील्ड पर लगा FASTag साफ दिखाई दे. साइड या पीछे की फोटो की जरूरत अब नहीं है. दूसरा बड़ा बदलाव ऑटोमैटिक RC वेरिफिकेशन से जुड़ा है.

वाहन नंबर, चेसिस नंबर या मोबाइल नंबर डालते ही सिस्टम सरकार के VAHAN डेटाबेस से RC की जानकारी खुद ही निकाल लेगा. इसके अलावा, अब KYV अधूरा होने पर FASTag तुरंत बंद नहीं होगा.पहले बिना किसी चेतावनी के टैग ब्लॉक हो जाता था, लेकिन अब पहले SMS रिमाइंडर भेजे जाएंगे.

अगर एक ही मोबाइल नंबर से कई वाहन जुड़े हैं, तो अब यूजर को यह सुविधा भी दी गई है कि वह अपनी पसंद की गाड़ी चुनकर KYV पूरा कर सके. साथ ही, अगर किसी को डॉक्यूमेंट अपलोड करने में परेशानी आती है, तो FASTag जारी करने वाला बैंक अब यूज़र की मदद करने के लिए बाध्य होगा.

KYV कैसे पूरा करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

  • KYV पूरा करने के लिए वाहन मालिक को सबसे पहले https://fastag.ihmcl.com वेबसाइट पर जाना होगा.
  • इसके बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें.
  • अब गाड़ी की एक फ्रंट फोटो अपलोड करें, जिसमें नंबर प्लेट और FASTag दोनों साफ दिखें.
  • RC की जानकारी सिस्टम में अपने-आप दिखाई देगी, जिसे कन्फर्म करने के बाद KYV सबमिट किया जा सकता है.

KYV में दिक्कत आए तो क्या करें?

अगर KYV से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो वाहन मालिक नेशनल हाईवे हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल कर सकते हैं या सीधे अपने FASTag जारी करने वाले बैंक से संपर्क कर सकते हैं.

KYV क्यों है जरूरी?

KYV का मुख्य उद्देश्य FASTag सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है. यह “One Vehicle, One FASTag” नियम को सख्ती से लागू करने में मदद करता है, जिससे टोल टैक्स चोरी और गलत इस्तेमाल पर लगाम लग सके.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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