मजदूरी भुगतान नहीं होने से आक्रोशित मजदूरों ने किया समाहरणालय का घेराव

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मजदूरी भुगतान नहीं होने से आक्रोशित मजदूरों ने किया समाहरणालय का घेराव

रोजगार सेवक पर नाजायज पैसे मांगने का आरोप, इंकार

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रोजगार सेवक पर नाजायज पैसे मांगने का आरोप, इंकार

औरंगाबाद ग्रामीण. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कर्मा भगवान के आवास योजना के लाभुकों ने रोजगार सेवक रामलायक कुमार दास पर मजदूरी रोकने और घूस मांगने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. दर्जनों की संख्या में लाभुकों ने आक्रोश मार्च निकाल समाहरणालय का घेराव किया. मुखिया प्रतिनिधि विरेंद्र राम व पंचायत समिति सदस्य सुनील पासवान मौजूद थे. आक्रोश जता रहे मजदूरों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण में काम करने के बाद भी उन्हें मजदूरी नहीं दी जा रही है. रोजगार सेवक बार-बार आधार कार्ड की मांग करते है. साफ कहते है कि जब तक घूस नहीं दोगे, तब तक मजदूरी नहीं मिलेगी. इधर, जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रखंड स्तर के अधिकारियों तथा कर्मियों की मनमानी चरम पर है. बिना पैसे के लोगों का एक भी काम नहीं होता है. आक्रोश मार्च में शामिल लोगों ने समाहरणालय गेट के समीप बीडीओ और पीआरएस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि वे सभी गरीब है. मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. आवास योजना के तहत मिलने वाली मजदूरी की राशि के लिए उन्हें मजदूरी छोड़कर बार-बार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. मजबूरी में कई मजदूरों ने रोजगार सेवक को रुपये भी दिये, फिर भी भुगतान नहीं हुआ. विरोध करने पर रोजगार सेवक कहता है कि उसे ऊपर के अधिकारियों को कमीशन देना पड़ता है. कहता है कि वह जेब से कमीशन नहीं देगा. लाभुकों ने कहा कि रोजगार सेवक किसी जनप्रतिनिधि की बात भी नहीं सुनते. पहले भी मजदूरों ने डीएम से शिकायत की थी. जांच की जिम्मेदारी जेई सीताराम पाल को दी गयी थी. पंचायत समिति सदस्य सुनील पासवान और समाजसेवी विमलेश कुमार सिंह ने जांच सही ढंग से करने की मांग की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ. किसी पर कार्रवाई नहीं हुई. लाभुकों ने कहा कि 10 दिन पहले भी वे कार्यालय पहुंचे. मजदूरी मांगी तो धमकी दी गयी. कहा गया कि ज्यादा बोले तो केस में फंसा देंगे. साथ में मौजूद पंचायत समिति सदस्य सुनील पासवान को भी अपशब्द कहा गया. मजदूरों ने डीएम से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाये. साथ ही मजदूरी का भुगतान कराया जाये. इधर, डीएम को दिये गये आवेदन में पंचायत समिति सदस्य सुनील पासवान, राणा प्रताप सिंह, उप मुखिया सुषमा देवी, बेबी देवी, सुधीर साव, सुनीता देवी, सुरेश कुमार सिंह, अमर प्रकाश भारती, रामाधार यादव आदि लोगों ने हस्ताक्षर किया है.

75 प्रतिशत लोगों को मजदूरी का भुगतान हो गया : रोजगार सेवक

आरोपों के घेरे में आये पंचायत रोजगार सेवक रामलायक कुमार दास ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है. कहा है कि 75 प्रतिशत लोगों को मजदूरी का भुगतान हो गया है. कुछ लोगों का किसी कारणवश नहीं हो सका है. कुछ लोग राजनीति कर रहे है और उन्हें प्रताड़ित भी कर रहे है.

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Sujit Kumar

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