अबीर-गुलाल संग गूंजे सौहार्द के स्वर

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होली में उड़े रे गुलाल जैसे पारंपरिक होली गीतों पर श्रोता झूम उठे

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होली में उड़े रे गुलाल जैसे पारंपरिक होली गीतों पर श्रोता झूम उठे प्रतिनिधि, हसपुरा. बाजार स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल पुस्तकालय के अध्ययन कक्ष हॉल में गीत गंगा गायन समिति की ओर से होली मिलन सह गीत-संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय के निदेशक सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष चंद्रेश पटेल ने की. इस अवसर पर चंद्रेश पटेल, गीत गंगा गायन समिति के सेवानिवृत्त शिक्षक गंगादयाल सिंह व समाजसेवी रामजीत सिंह ने कहा कि होली रंगों के साथ आपसी भाइचारे और सौहार्द का भी पर्व है. इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलते हैं और प्रेम व एकता का संदेश देते हैं. इस कार्यक्रम में जदयू नेता देवनारायण यादव, बसपा नेता नागेश्वर राम तथा ललन भाई पटेल ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि होली ऐसा त्योहार है, जब लोग सभी प्रकार के भेदभाव भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं. होली मिलन समारोह में अरवल जिले के इंजोर गांव से रामप्रवेश सिंह, सगुनी राम, करमचे बिगहा के कामता प्रसाद कुशवाहा, धेवई के उपेंद्र सिंह, करण बिगहा के रामनरेश सिंह सहित शिववचन सिंह, संजय सिंह, नन्हकु यादव, कृष्णा सिंह बागी, देवेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. जैसे ही “होली में उड़े रे गुलाल” जैसे पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति शुरू हुई, श्रोता झूम उठे और पूरा हॉल रंग और उमंग के माहौल में सराबोर हो गया. कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सुंदर संदेश दिया.

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