विष्णुधाम महोत्सव 11 व 12 नवंबर को, तैयारी शुरू

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 30 Jul 2024 9:44 PM

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आयोजन समिति की अगली बैठक 12 अगस्त को चंद्रिका स्मृति भवन में होगी

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औरंगाबाद शहर. विष्णुधाम महोत्सव आयोजन समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में जम्होर के चंद्रिका स्मृति भवन में हुई. बैठक में विष्णुधाम महोत्सव को दो दिवसीय 11 व 12 नवंबर को विष्णुधाम प्रांगण में आयोजित करने का निर्णय लिया गया. आयोजन समिति की अगली बैठक 12 अगस्त को चंद्रिका स्मृति भवन में होगी. सर्वप्रथम आयोजन समिति के वरीय उपाध्यक्ष व जम्होर पंचायत के पूर्व मुखिया सुरेंद्र गुप्ता ने सदस्यों का स्वागत किया व बैठक के उद्देश्यों के बारे में चर्चा की. आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक व अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने महोत्सव के आयोजन से होने वाले लाभ पर चर्चा करते हुए कहा कि 2021 से प्रत्येक वर्ष 25 व 26 फरवरी को इस महोत्सव को जन सहयोग के माध्यम से आयोजित किया जाता था. किंतु अपरिहार्य कारणों से इस वर्ष उक्त तिथि को आयोजित नहीं किया जा सका, फिर अक्षय तृतीया में भीषण गर्मी व हीट वेव को देखते हुए इसे नवंबर में आयोजित करने पर विचार किया गया. अब संशय की स्थिति मिट चुकी है. अतः 11 व 12 नवंबर को आयोजित होने वाले इस महोत्सव को ऐतिहासिक सफलता की ओर ले जाना है. जनेश्वर विकास केंद्र के अध्यक्ष रामजी सिंह ने कहा कि जनेश्वर विकास केंद्र व विष्णुधाम महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त प्रयास से हम महोत्सव को ऐतिहासिक बनायेंगे. शतचंडीधाम महोत्सव के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने इस महोत्सव के सभी कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कही. सुरेश विद्यार्थी ने कहा कि पुनपुन बटाने संगम स्थल पर स्थित इस विष्णुधाम की महिमा अपरंपार है. धार्मिक दृष्टिकोण एवं पुराणों के अनुसार यह स्थल मोक्ष दायिनी है. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि हम सभी 2021 से इस महोत्सव को आयोजित करते चले आ रहे हैं. ढेर सारी परेशानियां आती हैं, पर प्रभु श्री नारायण की कृपा से वे सभी दूर हो जाते हैं और हम सभी सफलता को प्राप्त करते हैं. इस बार का महोत्सव को हम सभी मिलकर ऐतिहासिक बनायेंगे. औरंगाबाद जिले के मानचित्र पर विष्णुधाम सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पौराणिक धर्म स्थल है, फिर भी विकास के मामले में यह स्थल उपेक्षित है. पितृपक्ष मेला और कार्तिक पूर्णमासी मेला दो ऐसे मेले हैं जिनका पौराणिक धार्मिक दृष्टिकोण से अलग-अलग महत्व है. बिहार सरकार के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्तिक पूर्णमासी मेला आता है, जो सरकारी है और राजस्व सरकार के खाते में जाता है, फिर भी कला संस्कृति विभाग बिहार सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा यह स्थल उपेक्षित है. सुप्रीम कोर्ट एवं पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश इस स्थल पर पधार चुके हैं. इस धाम को जाने वाली सड़क टूटी-फूटी अवस्था में है. इन बिंदुओं पर सरकार और राजनेताओं का ध्यान आकर्षित कराना भी इस महोत्सव का उद्देश्य होगा. बैठक में उद्घाटन व समापन समारोह के लिए राज्यपाल, विधानसभा वं बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष, राज्य व केंद्र के मंत्रियों से मिलकर उनको आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया. आयोजन समिति के संस्थापक सदस्य पंडित मधुसूदन त्रिवेदी ने कार्यक्रम का ब्योरा प्रस्तुत किया और अगली बैठक 12 अगस्त को आयोजित करने का अनुरोध किया, जिसे सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रदान की गयी. धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष दिलावर सिंह द्वारा किया गया. बैठक में प्रकाश पासवान, शंकर दयाल यादव, सुजीत कुमार सिंह उर्फ पीकू सिंह, सन्नी चौधरी आदि मौजूद थे.

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