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Aurangabad News: यूनिवर्सिटी क्लर्क के घर विजिलेंस टीम का छापा, भारी मात्रा में जेवरात और कैश बरामद

Updated at : 09 Jan 2025 8:30 PM (IST)
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Aurangabad Raid News

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Aurangabad News: निगरानी विभाग की टीम औरंगाबाद सच्चिदानंद सिन्हा यूनिवर्सिटी के क्लर्क के घर सुबह से छापेमारी कर रही है. इस रेड में भारी मात्रा में कैश और जेवरात बरामद किया गया है.

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Aurangabad News: सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय औरंगाबाद के क्लर्क मनोज सिंह के निजी आवास पर निगरानी विभाग की टीम द्वारा गुरुवार की सुबह से छापेमारी की जा रही है. इनके तीन ठिकानों पर छापेमारी विभाग द्वारा की जा रही है. सिन्हा कॉलेज के साथ-साथ निगरानी की टीम उनके आवास और एक अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही है. अभी तक विभाग के तरफ से वैसी कोई पुख्ता जानकारी नही दी गयी है.

भारी मात्रा में कैश बरामद

अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे है. जानकारी के अनुसार सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय औरंगाबाद से आय से जुड़ा मामला सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निगरानी की टीम को छापेमारी में घर के अंदर से भारी मात्रा में जेवरात, कैश रुपये, कई एटीएम कार्ड और पासबुक के साथ-साथ विभाग को आई अहम चीजें भी हाथ लगी है.

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पहले भी इनके आवास पर हुई है छापेमारी

बुधवार को पटना में इनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. पूर्व में भी विभाग की टीम द्वारा रेकी की जा चुकी है. मनोज सिंह के आवास पर पूर्व में भी कई बार छापेमारी हुई है. कुछ वर्ष पूर्व इसी मामले में इन्हें निष्काषित भी किया गया था. बताया जा रहा है कि इस छापेमारी के पीछे इनके ही कि किसी नजदीकी व्यक्ति का हाथ है.

बैंगलोर स्थित आवास पर भी चल रही छापेमारी

मनोज सिंह के पिता अर्जुन सिंह सिन्हा कॉलेज के चपरासी थे. 1999 में उनकी मौत के बाद अपने पिता के जगह वे क्लर्क के पद पर ज्वॉइन किया. इसके बाद मनोज सिंह का प्रमोशन हुआ और उन्हें विभाग द्वारा क्लर्क बनाया गया. मनोज सिंह के छोटे भाई अनुज सिंह बैंगलोर में इंजीनियर हैं. सूत्रों के मुताबिक अनुज सिंह के बैंगलोर स्थित आवास पर भी निगरानी की टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है. हालांकि अभी तक विभाग को क्या हाथ लगा, यह स्पष्ट नही है.

मंगाई गई प्रिंटिंग मशीन

क्लर्क मनोज सिंह के वार्ड नं 31 स्थित गंगटी गांव के निजी आवास पर शाम पांच बजे तक भी छापेमारी जारी रही. इस छापेमारी में विभाग को कुछ बड़ा हाथ लगा है. शाम पांच बजे के करीब विभाग द्वारा एक प्रिंटिंग मशीन और फ़ोटो कॉपी पेज मंगवाया गया है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि छापेमारी में विभाग द्वारा उनका डाटा कलेक्ट किया जाएगा. वैसे मनोज सिंह सिन्हा कॉलेज के क्लर्क है तो उन्हें यूनिवर्सिटी से संबंधित कई कागजातों का काम भी होता होगा. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि मिली डाटा के अनुसार स्कैन व प्रिंटिंग के लिए मंगाया गया है.

जब्ती सूची

कौन हैं मनोज सिंह

मनोज सिंह के पिता सात भाई हैं. सात भाइयों में दो भाइयों की मौत हो चुकी है. इनका पूरा परिवार अभी एक साथ ही रहता है. घर में कोई भी कार्यक्रम होता है तो सभी परिवार एक साथ मिलकर विचार विमर्श करते हैं और निर्णय लेते है. मनोज सिंह के चार बच्चे हैं. पत्नी आशा देवी गृहणी है. सभी बच्चे पढ़ाई-लिखाई करते हैं. उनके छोटे भाई बेंगलुरु में इंजीनियर है, उनका एक बेटा और एक बेटी है. विजिलेंस की टीम गुरुवार की सुबह 11:00 से उनके घर पर छापेमारी कर रही है. लगभग तीन या चार गाड़ियों से पहुंची निगरानी की टीम अभी तक छापेमारी में जुटी हुई है, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी कोई भी जानकारी नहीं दी गई है. मनोज सिंह के कॉलेज ऑफिस, घर समेत एक अन्य जगहों पर भी निगरानी की टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है. उन्होंने ससुराल में अपनी पत्नी और साले के नाम से कई जमीन की खरीदारी की है. निगरानी की टीम पेपर, घर पर बैंक अकाउंट समेत अन्य कागजातों की जांच कर रही है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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