दो गांजा तस्करों को 12 साल सश्रम कारावास की सजा

12 साल सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास होगी
औरंगाबाद. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के एडीजे दो आनंदिता सिंह ने बारुण थाना कांड संख्या -267/21 में सजा की बिंदू पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना और फिर फैसला सुनाया. स्पेशल पीपी परवेज अख्तर ने कहा कि बरामद 20 क्विंटल 51 किलो गांजा व्यावसायिक मात्रा से 100 गुना अधिक है. इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा-20 (बी- 2) सी में 10 साल से कम की सजा और एक लाख जुर्माना से कम का प्रावधान नहीं है. बरामद गांजा अत्यधिक मात्रा में है. इसलिए 20 साल की सजा और दो लाख का जुर्माना लगाया जाये. क्योंकि, इस अपराध से समाज को भारी नुकसान की संभावना है. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामप्रवेश मेहता ने कम से कम सजा की मांग की. दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी-2) सी में 12 साल सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास होगी. भोजपुर के बीबीगंज निवासी काराधीन अभियुक्त शिवकुमार महतो और गजराजगंज निवासी मिथिलेश कुमार पासवान को 18 सितंबर को दोषी ठहराया गया था. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक पुअनि धनंजय कुमार शर्मा ने 28 अगस्त 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि गुप्त सूचना के सत्यापन में एनएच टू सिरिस बारुण में 20 क्विंटल 51 किलो गांजे के साथ दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था.
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