लंबित वादों पर डीएम ने जताया असंतोष, शीघ्र निबटारे का निर्देश

Updated at : 24 Feb 2025 11:13 PM (IST)
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लंबित वादों पर डीएम ने जताया असंतोष, शीघ्र निबटारे का निर्देश

Auragnabad news. डीएम ने त्वरित न्यायालय एवं सामान्य वादों की अधिक संख्या में लंबित रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हर माह कम से कम पांच वादों का निष्पादन सुनिश्चित करें.

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औरंगाबाद शहर. समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को डीएम श्रीकांत शास्त्री एवं एसपी अंबरीश राहुल की संयुक्त अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक की गयी. इसमें त्वरित न्यायालय और सामान्य वादों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गयी. डीएम ने त्वरित न्यायालय एवं सामान्य वादों की अधिक संख्या में लंबित रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हर माह कम से कम पांच वादों का निष्पादन सुनिश्चित करें. साथ ही सरकार के निर्देशानुसार कुल लंबित वादों का 30 प्रतिशत कम करने के लिए कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि प्रत्येक माह दायर नये वादों की तुलना में अधिक वादों का निष्पादन करने पर ध्यान दें, ताकि लंबित मामलों की संख्या में कमी लायी जा सके. यदि किसी वाद के निष्पादन में कठिनाई हो, तो लिखित रूप में सूचना देकर जिला समन्वय समिति की बैठक में इस मुद्दे को उठायें. सभी सहायक सरकारी अधिवक्ताओं को निर्देश दिया गया कि अगली बैठक में वादवार सरकारी भूमि की सन्निहित रकबा (संलग्न क्षेत्र) का उल्लेख करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करें. डीएम ने पिछले दो महीनों में निष्पादित वादों की संख्या में हुई वृद्धि की सराहना की. लेकिन, अभियोजन पदाधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए अधिक प्रयास करने का निर्देश भी दिया. बैठक में विधि शाखा प्रभारी रितेश कुमार, लोक अभियोजक, सभी अपर लोक अभियोजक, सहायक सरकारी अधिवक्ता, विशेष लोक अभियोजक और जिला अभियोजन पदाधिकारी उपस्थित थे.

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