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छठे दिन भी जारी रहा वितरहित शिक्षक व कर्मचारियों का आंदोलन

Updated at : 02 Sep 2025 6:41 PM (IST)
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छठे दिन भी जारी रहा वितरहित शिक्षक व कर्मचारियों का आंदोलन

अनुदान नहीं वेतनमान फॉर्म के बैनर तले चार मांगों पर अड़े हैं शिक्षक व कर्मी

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अनुदान नहीं वेतनमान फॉर्म के बैनर तले चार मांगों पर अड़े हैं शिक्षक व कर्मी

अंबा. अपने विभिन्न मांगों को लेकर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थान के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का आंदोलन छठे दिन मंगलवार को भी जारी रहा. यह आंदोलन अनुदान नहीं वेतनमान फोरम के तत्वावधान चार सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है. शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों द्वारा आंदोलन किये जाने से वित्त रहित शिक्षण संस्थान में शैक्षणिक कार्य ठप रहा. मंगलवार को मगध प्रक्षेत्र कोडिनेटर प्रो विजय चौबे व अनुदान नहीं वेतनमान फोरम के जिला संयोजक प्रो श्याम प्रकाश पाठक के नेतृत्व में जनता महाविद्यालय लभरी परसावां समेत जिले के अन्य वित्त रहित शिक्षक संस्थान के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी पटना पहुंचे और अपनी मांगों के प्रति आवाज बुलंद किया. जिला संयोजक ने बताया कि पूरे राज्य से हजारों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान पांच सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ भाजपा कार्यालय प्रभारी ने वार्ता की. उन्होंने हम सभी की मांगों को वित्त मंत्री सह सम्राट चौधरी के समक्ष रखने तथा शिष्टमंडल को उनसे मिलवाने का आश्वासन दिया है. जिला संयोजक ने बताया कि कई वर्षों से हम सभी शिक्षक व कर्मचारी निःशुल्क शिक्षा देकर शैक्षणिक गतिविधि को बेहतर बनाने में जुटे हैं. बिहार के शैक्षणिक व्यवस्था के सुधार में वित्त रहित संस्थान का अहम योगदान रहा है. हमारे कई साथी निःशुल्क शिक्षा देते हुए अपना पूरा जीवन समाप्त कर दिए पर सरकार द्वारा उन्हें किसी तरह का लाभ नहीं दिया गया. आज हम सभी को घोर आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा हैं. अपनी समस्याओं की ओर हम सबों ने कई बार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया पर सरकार हमारी किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं है. इस बार पूरे बिहार के अनुदानित संस्थान के शिक्षक एवं कर्मी एकजुट है.

ये है चार सूत्री मांग

जिला संयोजक ने बताया कि हमारी मांगों में शिक्षा समिति के अनुशंसा लागू करते हुए परीक्षा पर आधारित अनुदान के बदले नियमित मासिक वेतन सहित सभी सरकारी सुविधा दिया जाना, लंबित अनुदान का एक मुस्त भुगतान सीधे कर्मियों के खाते में किया जाना, प्रस्वीकृति के लिए अनुशंसहित मान्यता प्राप्त संस्थान का मान्यता पूर्ववत बहाल रखना, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को पेंशन दिया जाना शामिल है. आंदोलन में जनता इंटर महाविद्यालय लभरी परसावां के प्राचार्य विनय सिंह, प्रो मनोज सिंह, प्रो रवि कुमार, प्रो विकास कुमार, सकील अंसारी, वरुण प्रताप, मनोज कुमार, महिला कॉलेज हसपुरा से प्रो जयराम प्रसाद, प्रो सुनिल कुमार, तेतरिया हाई स्कूल से मनीष कुमार आदि शामिल हुए. विदित है कि 28 अगस्त से वितरहित शिक्षण संस्थान के शिक्षक एवं कर्मियों का आंदोलन जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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