औरंगाबाद में अब सोन पर बना यह पुल भी हुआ खतरनाक, भारी वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक

Updated:
विज्ञापन

बारुण-नवीनगर पथ की फाइल तस्वीर.

औरंगाबाद-अंबा रोड पर दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब बारुण-नवीनगर पथ पर सोन नदी के उच्च स्तरीय पुल पर भी खतरे की घंटी मंडरा रही है. विभागीय निरीक्षण में पुल के गर्डर क्षतिग्रस्त पाए जाने के बाद इसे 'क्रिटिकल ब्रिज' घोषित कर भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी गई है.

विज्ञापन

Aurangabad Barun Road : औरंगाबाद-अंबा रोड स्थित दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बारुण-नवीनगर पथ पर वाहनों का दबाव बढ़ना अब एक और बड़े खतरे की वजह बन गया है. सोन नदी पर बारुण-नवीनगर पथ के 11वें किलोमीटर पर स्थित उच्च स्तरीय पुल की हालत को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है. विभागीय निरीक्षण में पुल के गर्डर के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति सामने आने के बाद इसे ‘क्रिटिकल ब्रिज’ की सूची में शामिल किया गया है और भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

दोमुहान पुल के बाद बढ़ा दबाव, अब दूसरे पुल पर भी खतरे की घंटी

एनएच-139 के बाटाने पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण दोमुहान सहित वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ा था. इसी क्रम में बारुण-नवीनगर पथ के इस पुल पर भी भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई. लगातार बढ़े दबाव के बीच पुल के गर्डर में क्षति सामने आने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में अगर भारी वाहनों का परिचालन जारी रहा तो पुल की संरचनात्मक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है.

पुल की लंबाई करीब 79.50 मीटर, गर्डर की क्षति ने बढ़ाई चिंता

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में पुल की वर्तमान स्थिति और आवश्यक अनुरक्षण कार्य को लेकर समीक्षा बैठक हुई. बैठक में बताया गया कि यह उच्च स्तरीय पुल जल संसाधन विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित कराया गया था और इसकी लंबाई लगभग 3 गुना 26.50 मीटर है. विभागीय निरीक्षण में पुल को क्रिटिकल श्रेणी में रखते हुए भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया गया.

Image

विशेषज्ञों की टीम करेगी पुल की गहन जांच

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से पुल का विस्तृत निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है. विशेषज्ञ पुल की संरचनात्मक स्थिति का तकनीकी आकलन करेंगे. निरीक्षण के आधार पर अनुरक्षण और जरूरी मरम्मत कार्य के लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

लापरवाही पड़ी भारी, तो पुल पर मंडरा सकता है बड़ा खतरा

पुल के क्रिटिकल ब्रिज की सूची में शामिल होने के बाद भारी वाहनों का प्रतिबंध केवल यातायात व्यवस्था का फैसला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर कदम है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन कराया जाए. आम लोगों और वाहन चालकों को भी समझना होगा कि प्रतिबंधित पुल पर जबरन भारी वाहन ले जाना जान जोखिम में डालने जैसा हो सकता है. पुल की वास्तविक स्थिति की तकनीकी जांच पूरी होने तक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.

प्रशासन ने कहा, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और यातायात प्रबंधन के जरूरी उपाय लगातार प्रभावी रखे जाएं. उन्होंने तकनीकी निरीक्षण और प्राक्कलन की प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं करने तथा अनुरक्षण कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्देश दिया. बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता तथा पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी उपस्थित थे.


विज्ञापन
सुधीर कुमार सिन्हा

लेखक के बारे में

By सुधीर कुमार सिन्हा

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन