औरंगाबाद में गरीबों, मजदूरों और किसानों की मांगों को लेकर दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू

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अनशन में शामिल लोगों की तस्वीर

Aurangabad News : औरंगाबाद में गरीबों और मजदूरों ने बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू किया. भूमि अधिकार, रोजगार और सुखाड़ राहत की प्रमुख मांगें उठाई गईं.

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Aurangabad News : सत्याग्रह को संबोधित करते हुए गुड्डू चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार में गरीब वर्षों से जिस जमीन पर बसे हुए हैं, उन्हें उसी स्थान का बासगीत पर्चा दिया जाना चाहिए. गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई तत्काल बंद हो. उन्होंने पीपीएच एक्ट, 1947 के तहत गरीबों को बासगीत पर्चा देने तथा सभी भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की मांग की.

रोजगार की गारंटी देकर पलायन रोकने की मांग

वक्ताओं ने कहा कि रोजगार के अभाव में बिहार के मजदूर लगातार दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं. गांवों में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर पलायन पर रोक लगायी जानी चाहिए. मनरेगा के तहत पर्याप्त काम और उचित पारिश्रमिक देने की मांग की गयी. साथ ही प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग भी उठायी गयी.

प्रभावित इलाकों को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग

सत्याग्रह में किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया. वक्ताओं ने कहा कि बारिश की कमी के कारण जिले के कई इलाकों में धान की रोपनी प्रभावित हुई है. सरकार प्रभावित प्रखंडों का आकलन कर जरूरत के अनुसार उन्हें सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करे. साथ ही किसानों को सिंचाई, बिजली और फसल क्षति का उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की गयी.

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राशन और पेयजल संकट का मुद्दा भी उठा

राशन कार्ड से गरीबों के नाम काटे जाने का विरोध करते हुए पात्र परिवारों को नियमित राशन उपलब्ध कराने की मांग की गयी. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने, खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और जरूरत के अनुसार नये जलस्रोत उपलब्ध कराने की मांग भी उठायी गयी. इसके अलावा नीट परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने तथा अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गयी.

गांव-गांव तक आंदोलन पहुंचाने का आह्वान

वक्ताओं ने सत्याग्रह को गांव-गांव तक पहुंचाने और गरीबों-मजदूरों की मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन तेज करने का आह्वान किया. सत्याग्रह में कृष्णा सिंह, विजय राम, कैलाश पासवान, अब्दुल जलील अंसारी, वीरेंद्र कुमार मेहता, सुदामा पासवान, नारायण राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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मनीष राज सिंघम

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By मनीष राज सिंघम

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