औरंगाबाद में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही 1065 छात्रों की पढ़ाई, भौतिकी-जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं

Updated:
विज्ञापन

वर्ग में उपस्थित छात्राएं

Aurangabad News : मदनपुर के सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई बाधित है. प्रयोगशाला और खेल मैदान की समस्याओं से भी जूझ रहे हैं विद्यार्थी.

विज्ञापन

Aurangabad News : प्रखंड के बेरी स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यालय में इंटर विज्ञान संकाय में भौतिकी और जीव विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं. वहीं, इंटर कला संकाय में भूगोल विषय के शिक्षक का भी अभाव है. इसके कारण विद्यार्थियों को संबंधित विषयों की पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय में कुल 1065 छात्र-छात्राओं का नामांकन है. ऐसे में शिक्षकों की कमी के कारण सभी विषयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है. छात्रों का कहना है कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी परेशानी हो रही है.

पुस्तकालय अध्यक्ष और संगीत शिक्षक भी नहीं

विद्यालय में विषय शिक्षकों के अलावा पुस्तकालय अध्यक्ष और संगीत शिक्षक का भी अभाव है. पुस्तकालय की व्यवस्था होने के बावजूद इसके संचालन के लिए कोई प्रभारी नहीं है. इससे छात्र पुस्तकालय का समुचित लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. वहीं, संगीत शिक्षक नहीं होने के कारण सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.

Also Read : PHOTOS: औरंगाबाद में बच्चों ने इस प्रकार मनाया 'विश्व आदिवासी दिवस'

प्रयोगशाला होने के बावजूद नहीं मिल रहा पूरा लाभ

विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन प्रयोगशाला इंस्ट्रक्टर नहीं होने के कारण छात्र इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. प्रयोगात्मक शिक्षा के अभाव में विज्ञान विषय के विद्यार्थियों की समझ प्रभावित हो रही है. इससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका है.

खेल मैदान की बाउंड्री वॉल बनाने की मांग

विद्यालय परिसर में खेल मैदान तो है, लेकिन इसकी बाउंड्री नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों के दौरान असुविधा होती है. विद्यालय प्रबंधन ने खेल मैदान के चारों ओर बाउंड्री वॉल निर्माण की मांग की है. प्रबंधन का कहना है कि बाउंड्री होने से बच्चों को खेल के लिए सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा.

खाली पदों पर जल्द शिक्षकों की पदस्थापना की उम्मीद

प्रभारी प्रधानाध्यापक एसटी हक ने बताया कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बीच छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, उन पदों पर जल्द पदस्थापना की आवश्यकता है. शिक्षकों की नियुक्ति होने के बाद बच्चों की पढ़ाई और बेहतर तरीके से सुचारु हो सकेगी.

Also Read : PHOTOS: औरंगाबाद में बच्चों ने इस प्रकार मनाया 'विश्व आदिवासी दिवस'


विज्ञापन
Vinay Singh

लेखक के बारे में

By Vinay Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन