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नदियां सभ्यता और संस्कृति की परिचायक : विधायक

Updated at : 20 Jan 2026 7:26 PM (IST)
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नदियां सभ्यता और संस्कृति की परिचायक : विधायक

नवीनगर में दो दिवसीय पुनपुन महोत्सव का हुआ आगाज, टंडवा पुनपुन नदी तट पर कला संस्कृति युवा विभाग व जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से किया आयोजन

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नवीनगर में दो दिवसीय पुनपुन महोत्सव का हुआ आगाज टंडवा में पुनपुन नदी तट पर कला संस्कृति युवा विभाग व जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से किया आयोजन नवीनगर. टंडवा पुनपुन नदी तट के समीप कला संस्कृति युवा विभाग बिहार एवं जिला प्रशासन औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय पुनपुन महोत्सव का आगाज मंगलवार को हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ पुनपुन एवं सूर्य मंदिर परिसर में पूजा–अर्चना के साथ किया गया. पुनपुन महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक ललन राम, एसडीओ संतन कुमार सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी पप्पू राज, प्रमुख चित्रा कुमारी, उपप्रमुख लव कुमार सिंह, बीडीओ अरुण कुमार सिंह, पुनपुन महोत्सव समिति अध्यक्ष रामजनम सिंह, सचिव राजेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप सें दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. अतिथियों का अभिनंदन मध्य विद्यालय टंडवा के छात्राओं ने स्वागत गीत से किया. पुनपुन महोत्सव समिति के सदस्यों द्वारा तमाम अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया. अतिथियों ने पुनपुन नदी की महत्ता पर प्रकाश डाला. विधायक ने कहा कि नदियां सभ्यता और संस्कृति का परिचायक है. महोत्सव से सभ्यता और संस्कृति का विकास होता है. पुनपुन नदी के पानी से किसानों की खेती होती है. नदी और जल को बचाकर जीवन बचाना है. प्रकृति को संरक्षित करने की जरूरत है. पेड़-पौधा लगाने के साथ नदियों को भी संरक्षित करना है. एसडीओ संतन कुमार सिंह ने कहा कि पुनपुन नदी दक्षिण बिहार की प्रमुख नदी है. इसे आदि गंगे पुनपुन के नाम से जाना जाता है. नदियों की घाटी में सभ्यता का विकास हुआ है. पुनपुन नदी की अपनी महिमा है. नदियों को संरक्षित और अतिक्रमण मुक्त के साथ विकास जरूरी है. नदियों के प्रति जागरूक होकर अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए. पुनपुन महोत्सव समिति अध्यक्ष रामजन्म सिंह ने कहा कि नदियों और मंदिर का इतिहास पुराना है जिन्हें संरक्षित करने की जरूरत है. सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि पुनपुन नदी की महत्ता अपरंपार है. पुनपुन नदी मोक्षदायिनी नदी है. टंडवा में दुर दराज से पिंडदान करने लोग आते थे लेकिन नदी दूषित हो गयी है,जिसे बचाने की जरूरत है. प्रमुख चित्रा कुमारी ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण का लाभ लेना चाहिए तथा सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी लेकर इसका उपयोग करना चाहिए .उपप्रमुख लव सिंह ने कहा कि जहां नदियों का संरक्षण होता है वही जीवन होता है. मुखिया राम प्रसाद राम ने कहा कि पुनपुन नदी पवित्र नदी है इसको गंदगी से मुक्त कराना होगा. इधर, मुख्य कलाकार नेहा सिंह निष्ठा एवं अंकित सिंह द्वारा गीत संगीत की प्रस्तुति दी गयी. कार्यक्रम के दौरान पुनपुन आरती भी की गयी. मौके पर बीईओ राज नारायण राय, सीओ निकहत परवीन, एमओ श्रीराम मिश्र, पीओ मनरेगा कुमार नीरज, जेएसएस राकेश कुमार, एलईओ विजेंद्र कुमार सिंह समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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