एक फर्म को छह प्रखंडों में स्कूलों की सफाई का ठेका देने पर उठाया सवाल

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 18 May 2024 10:25 PM

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पूर्व जिप अध्यक्ष ने केके पाठक को लिखा पत्र, जांच की मांग

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औरंगाबाद शहर. सरकारी स्कूलों व शौचालयों की साफ-सफाई का ठेका छह प्रखंडों में एक ही फर्म पैशन स्किल प्राइवेट लिमिटेड को दिये जाने पर सवाल उठाया गया है. पूर्व जिला पर्षद अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप ने इसपर सवाल उठाते हुए इसे मनमाना रवैया बताया है. इस मामले को लेकर पूर्व जिप अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को पत्र भेजा है और जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है. साथ ही मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीएम व डीइओ को भी इस पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने भेजा है. पूर्व जिप अध्यक्ष ने कहा है कि औरंगाबाद जिले में एक ही वेंडर पैशन स्किल प्राइवेट लिमिटेड को छह प्रखंडों के हजारों स्कूलों के शौचालयों और स्कूल परिसर की साफ-सफाई का ठेका दिया जाना अविवेकपूर्ण है. आरोप लगाया है कि पूर्व डीइओ के चहेते इस फर्म को छह प्रखंड औरंगाबाद, बारूण, नवीनगर, गोह, दाउदनगर और रफीगंज में हजारों स्कूलों के शौचालयों व विद्यालय की साफ-सफाई का ठेका दिया गया है. विभिन्न प्रखंडों से यह शिकायत आ रही है कि अधिकांश विद्यालयों में सफाई कर्मी पहुंच ही नहीं रहे हैं और अधिकारी प्रतिमाह लाखों कमीशन लेकर फर्म को राशि भुगतान कर रहे हैं. शिक्षक अधिकारियों के डर से सीधे शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं. जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष ने मांग की है कि पटना के किसी अधिकारी से एक दर्जन स्कूलों का औचक निरीक्षण कर इस वेंडर के कार्यों की जानकारी प्राप्त करें तो भारी घोटाले का पर्दाफाश हो जायेगा. वैसे भी एक फर्म को छह प्रखंडों के स्कूलों की सफाई का काम देना समझ से परे है. उन्होंने यह व्यवस्था बनाते हुए जिलों को आदेश देने की मांग की है कि एक फर्म को एक ही प्रखंड का कार्य दिया जाये, ताकि स्कूलों के साथ न्याय हो सके. यही नहीं पूर्व जिप अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप ने विद्यालयों में आपूर्ति किये गये बेंच-डेस्क की गुणवत्ता और कीमत पर भी सवाल उठाया है. इसको लेकर उन्होंने आरटीआई के माध्यम से संबंधित लोक सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी है. कहा कि स्कूलों में आपूर्ति किये गये बेंच डेस्क का शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मानक के पत्र की सत्यापित प्रति तथा किस पत्र के तहत और किन अहर्ताओं के आलोक में किस वेंडर को आपूर्ति कार्य दिया गया है, इसकी जानकारी मांगी गयी है. हालांकि, अब तक आरटीआई का जवाब नहीं आया है, जबकि अब निर्धारित समय पूर्ण होने को हैं.

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