औरंगाबाद: 15 साल से जेल में बंद कैदी की इलाज के दौरान मौत, सीने में दर्द उठने पर किया गया था रेफर

मंडल कारा औरंगाबाद
औरंगाबाद मंडल कारा में 15 वर्षों से बंद कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई. सीने में अचानक तेज दर्द उठने के बाद कैदी को अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी जान चली गई. परिजनों में शोक की लहर है.
Aurangabad Prisoner Death : औरंगाबाद मंडल कारा में पिछले करीब 15 वर्षों से बंद एक कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान पौथू थाना क्षेत्र के मिसिर बिगहा गांव निवासी 50 वर्षीय मृत्युंजय मिश्रा के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई. मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.
सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया
मृतक के भतीजे अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि शनिवार शाम सूचना मिली कि मंडल कारा में बंद उनके चाचा मृत्युंजय मिश्रा के सीने में अचानक तेज दर्द उठा. इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
करीब 15 वर्षों से थे जेल में बंद
परिजनों के अनुसार मृत्युंजय मिश्रा विभिन्न नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामलों में पिछले करीब 15 वर्षों से औरंगाबाद मंडल कारा में बंद थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया. परिजन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा कारण स्पष्ट
मंडल कारा अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया था. वहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए गया रेफर किया, जहां उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
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