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कुटुंबा थाने के जमादार के कमरे से मिनी बियर, कोर्ट से पकड़े गये

Updated at : 29 Nov 2025 5:54 PM (IST)
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कुटुंबा थाने के  जमादार के कमरे से मिनी बियर, कोर्ट से पकड़े गये

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई

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वरीय अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई

औरंगाबाद/कुटुंबा. कुटुंबा थाने में पदस्थापित एएसआइ महेंद्र पासवान के कमरे से ही बियर की छह बोतलें जब्त की गयी है. इस मामले में एएसआइ महेंद्र पासवान को पुलिस ने शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उक्त कार्रवाई वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष इमरान आलम ने शुक्रवार को की है. उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एएसआइ ने अपने सरकारी आवास में शराब छिपा कर रखे हैं. सूचना के सत्यापन के लिए ओडी पदाधिकारी मिक्कू कुमार सहित पुलिस टीम ने बैरक स्थित एएसआइ के कमरे का ताला तोड़कर विधिवत तलाशी ली. तलाशी के दौरान कमरे में छिपाकर रखे गये 500 एमएल का छह केन बियर जब्त किया गया. शराब मिलने के बाद थानाध्यक्ष के स्वलिखित आवेदन पर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत एएसआइ महेंद्र पासवान के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी.

कैदी को लेकर कोर्ट गये थे, एएसआई वहीं से हुई गिरफ्तारी

शराब मामले के आरोपित एएसआई को औरंगाबाद कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया गया. वे मारपीट मामले में फरार चल रहे आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें लेकर कोर्ट गये थे. इधर, छापेमारी के बारे में अन्य अधिकारियों ने उन्हें भनक तक नहीं लगने दी. कोर्ट से हीं पुलिस की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके पश्चात आवश्यक कागजी करते हुए पुलिस पदाधिकारी को न्यायिक हिरासत में सुपुर्द कर दिया.

खुद को निर्दोष बता रहे एएसआइ

एएसआइ महेंद्र पासवान ने अपने आपको निर्दोष बताया है. दावा किया कि उनके कमरे के पीछे वाले दरवाजे की कुंडी कई दिनों से खराब थी. इसी वजह से किसी ने साजिश के तहत कमरे में घुसकर शराब छिपाकर इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी. हालांकि, पुलिस इस दावे की जांच कर रही है. इधर, इस मामले के उजागर होते ही स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे है. बुद्धिजीवियों का कहना है कि शराबबंदी लागू कराने की जिम्मेदारी जिन पुलिसकर्मियों पर है, वही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. हालांकि, थानाध्यक्ष ने बताया है कि प्रथम दृष्ट्या एएसआइ दोषी है.

हर कोई को कानून के दायरे में : एसडीपीओ

एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि हर कोई को कानून के दायरे में रहना पड़ता है. कानून के उल्लंघन करने वाले चाहे अधिकारी हो या आम नागरिक सभी के लिए दंड का विधान है. मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है. शराब जब्ती, गिरफ्तारी व एएसआई के दावों की पूरी पड़ताल के बाद ही अगले कदम उठाये जायेंगे. पुलिस विभाग ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले जेल जायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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