औरंगाबाद: DPO प्रियंका कुमारी की ताबड़तोड़ जांच में स्कूलों की खुली पोल, कहीं बच्चों से धुलवाए बर्तन तो कहीं 200 किलो चावल गायब

Author Sujit kumar|Edited by Vivek Ranjan
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जांच करती डीपीओ प्रियंका कुमारी | Prabhat Khabar Network

जांच करती डीपीओ प्रियंका कुमारी | Prabhat Khabar Network

प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत औरंगाबाद के पांच विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान कई स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते कार्रवाई शुरू की गई है.

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Aurangabad News: जिले में प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) की व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से डीपीओ (पीएम पोषण) प्रियंका कुमारी ने शुक्रवार को देव प्रखंड के पांच विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान कई स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. कहीं निर्धारित समय तक मध्यान्ह भोजन तैयार नहीं मिला, कहीं बच्चों से बर्तन धुलवाए जा रहे थे और छात्राओं से आलू छिलवाया जा रहा था. वहीं एक विद्यालय में सरकारी चावल के स्टॉक में भारी गड़बड़ी भी मिली. डीपीओ ने एक प्रधानाध्यापक के निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया, जबकि अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रखंड साधन सेवी से स्पष्टीकरण मांगा गया तथा संबंधित रसोइया के विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई की गई.

मलहरा विद्यालय से शुरू हुआ निरीक्षण अभियान

डीपीओ प्रियंका कुमारी ने निरीक्षण की शुरुआत मध्य विद्यालय मलहरा से की. यहां विद्यालय की समग्र व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.

रसोईघर बना मिला कबाड़खाना, प्रधानाध्यापक पर निलंबन की कार्रवाई

राजकीय मध्य विद्यालय बेढ़ना में दोपहर 12:10 बजे तक मध्यान्ह भोजन तैयार नहीं था और बच्चे इधर-उधर घूमते मिले. निरीक्षण में रसोईघर पूरी तरह कबाड़घर में तब्दील मिला, जहां टूटे लोहे के गेट, क्षतिग्रस्त बेंच और अन्य कबाड़ रखा था. पूछताछ के दौरान प्रधानाध्यापक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डीपीओ ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया.

बच्चों से धुलवाए जा रहे थे बर्तन, रसोइया चावल ले जाने की तैयारी में

राजकीय मध्य विद्यालय बालूगंज में एक रसोइया बिना सूचना अनुपस्थित मिली. निरीक्षण के दौरान बच्चों से भोजन के बाद थालियां धुलवाई जा रही थीं. भोजन की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली. जांच में यह भी सामने आया कि एक रसोइया करीब पांच किलो चावल अलग रखकर घर ले जाने की तैयारी में थी. बच्चे दरी पर बैठकर भोजन कर रहे थे, जबकि रसोईघर में आठ बोरा किताबें रखी मिलीं. डीपीओ ने संबंधित रसोइया के वेतन में कटौती तथा प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा.

स्टॉक जांच में 200 किलो चावल कम मिला

मध्य विद्यालय डुमरी में स्टॉक पंजी और भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 200 किलो सरकारी चावल कम पाया गया. डीपीओ ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित प्रधानाध्यापक से जवाब तलब किया.

छात्राओं से छिलवाए जा रहे थे आलू, लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा था भोजन

एनपीएस बैज बिगहा में दोपहर 12:27 बजे तक मध्यान्ह भोजन तैयार नहीं था. निरीक्षण के दौरान छोटी छात्राएं रसोइया के साथ आलू छीलती मिलीं. विद्यालय में चावल का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था और गैस चूल्हे के बजाय लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा था. डीपीओ ने इसे भी गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए.

डीपीओ बोलीं- अनियमितता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

डीपीओ प्रियंका कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषी प्रधानाध्यापकों और संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा सके.

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