अनुकंपा के आधार पर लिपिक की बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी

Published by :SUJIT KUMAR
Published at :29 Aug 2025 5:15 PM (IST)
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अनुकंपा के आधार पर लिपिक की बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी

पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

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पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

अंबा. शिक्षा विभाग द्वारा अनुकंपा के आधार पर लिपिक की नियुक्ति प्रक्रिया में जन्मतिथि में हेराफेरी और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. इसको लेकर औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने डीएम को पत्र लिखते हुए गंभीर आरोप लगाये हैं. पूर्व सांसद ने बताया कि अनुकंपा के आधार पर माधुरी कुमारी की नियुक्ति लिपिक पद पर की गयी है. उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र के अनुसार जन्मतिथि 15 दिसंबर 1980 है, यानी नियुक्ति के समय उनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक थी. जबकि विभागीय सूची में उनकी उम्र 35 वर्ष दर्शायी गयी है. उन्होंने कहा कि नियुक्ति पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन टंकन भूल का हवाला देकर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. पूर्व सांसद ने आशंका जतायी कि अगर गहराई से जांच की जाये, तो इस तरह के दर्जनों मामले और सामने आ सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में आवंटन से लेकर नियुक्ति, पदस्थापन और वित्तीय मामलों तक भ्रष्टाचार गहराई से जड़ जमा चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि पदस्थापन में महिलाओं को प्राथमिकता दिये जाने का प्रावधान है, परंतु जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा महिलाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भेज दिया जाता है, जबकि मुख्यालय के नजदीकी विद्यालयों में पुरुषों को पदस्थापित कर दिया जाता है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों से पेंशन निर्धारण व अन्य देय राशि के लिए प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है. पूर्व सांसद ने इन सभी मामलों में उच्च स्तरीय जांच और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है.

आश्रितों ने पूर्व सांसद से लगायी थी गुहार

अनुकंपा नियुक्ति को लेकर कई अभ्यर्थियों ने पूर्व सांसद से गुहार लगायी थी. राकेश कुमार, सत्येंद्र कुमार ठाकुर, रेणु कुमारी, अनिता कुमारी और माया कुमारी ने आवेदन देकर बताया कि वे 5–7 वर्षों से विभाग में आवेदन दिये हैं, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई. वहीं 45 वर्ष की उम्र वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति दे दी गयी. इसी आधार पर पूर्व सांसद ने मामला डीएम के संज्ञान में लाया.

कुटुंबा प्रखंड से जुड़ा मामला

मामला कुटुंबा प्रखंड से जुड़ा है, जहां अनुकंपा के आधार पर मनोरमा कुमारी की नियुक्ति लिपिक पद पर की गयी. उनका पदस्थापन हाई स्कूल पोला गोरडिहा में किया गया और 25 अगस्त को उन्होंने योगदान भी दिया. हालांकि उसके बाद विद्यालय नहीं गयी. मनोरमा कुमारी, कुटुंबा प्रखंड के मिडिल स्कूल डुमरी में सहायक शिक्षक पद पर कार्यरत रहे दिवंगत आलोक कुमार की पत्नी हैं. पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी. इस मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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