इंद्रपुरी जलाशय का कराया जाये निर्माण, सोन नहरों का हो आधुनिकीकरण

Edited by SUJIT KUMAR
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अखिल भारतीय किसान महासभा के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया.

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दाउदनगर. अखिल भारतीय किसान महासभा के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया. अध्यक्षता महासभा के जिला सचिव कामता प्रसाद यादव ने की. 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिक्रमगंज में आयोजित कार्यक्रम के मद्देनजर शाहाबाद और मगध जोन के किसान अनुमंडल कार्यालय पर धरना के माध्यम से अपनी मांगों को उठाते हुए उसे पूरा करने की मांग प्रधानमंत्री से कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज तक दोगुना नहीं हुआ. किसानों की खेती की जमीन व फसल भी विभिन्न कानून के जरिये कॉर्पोरेट के पक्ष में सरकार छीन लेना चाहती है, जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं. धरना के बाद नौ मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीओ कार्यालय में दिया गया. इनमें इंद्रपुरी जलाशय का निर्माण कराने, सोन नहरों का आधुनिकीकरण कर टेल प्वाइंट तक सालों भर पानी का प्रबंध करने, दुर्गावती सिंचाई परियोजना, मलई बराज (मलियाबाग) परियोजना एवं उत्तर कोयल नहर परियोजना का कार्य यथाशीघ्र पूरा कराने व कुटकु डैम में फाटक लगाने का प्रबंध करने, डालमियानगर के उद्योगों को फिर से चालू कराने व प्रस्ताव प्रस्तावित रेल कारखाना का निर्माण कराने का प्रबंध करने, भारतमाला सड़क परियोजना एवं ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए किसानों की अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि का 2013 के कानून के मुताबिक वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा देने और किसानों से बिना समुचित मुआवजा के कृषि भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, हरिहरगंज से पटना एनएच 139 हाइवे को शीघ्र फोरलेन बनाने एवं औरंगाबाद-बिहटा रेलवे लाइन का निर्माण कराने आदि मांग की गयी है. अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव सह काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि सोन नहर आधुनिक भारत के सबसे पुरानी सिंचाई प्रणाली में से एक है. इसके बनने के बाद से शाहाबाद और मगध के इलाके में कोई सुखा और बाढ़ नहीं आया. जिस समय ये नहरें बनी थी उस समय बिहार सोन के पानी का इस्तेमाल करने वाला अकेला राज्य था. अब रिहंद और बाणसागर डैम बन गया. बिहार को अपने डैम की जरूरत हो गयी है. हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से कहना चाहते हैं कि आठ जिलों की जल जीवन हरियाली ये नहरें हैं. उन्होंने मांगों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन मांगों को पूरा करने की मांग प्रधानमंत्री से की. ज्ञापन देने वाले शिष्टमंडल में महासभा के जिला सचिव के अलावे प्रखंड सचिव दूधेश्वर मेहता, जिलाध्यक्ष सत्येंद्र मेहता, बसंत कुमार व भाकपा माले जिला सचिव मुनारिक राम शामिल थे. माले जिला सचिव मुनरिक राम, प्रखंड सांसद प्रतिनिधि राजकुमार भगत, हसपुरा प्रखंड सांसद प्रतिनिधि देवरूल पासवान, किसान नेता सदाउल्लाह खान, टाउन सचिव बिरजू चौधरी, सुदामा सिंह आदि ने प्रमुख रूप से संबोधित किया.

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